सीधी: कुसमी अंचल के गोतरा गोपद नदी के समीप विराजी मां अष्ठभुजी भक्तों की सभी मुरादे पूरी करती हैं। शारदेय नवरात्रि में माता के दर्शन के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिला-पुरुष भक्त तडक़े भोर 4 बजे से देर शाम तक पहुंच रहे हैं। नवरात्रि के षष्ठी तिथि को बड़ी संख्या में भक्त माता को श्रृंगार चढ़ाने के लिए दूर-दूर से गाजे बाजे के साथ पहुंचे।
वहीं अष्ठमी एवं नवमी तिथि पर मंदिर में भारी भीड़ होने की संभावना है। अष्ठमी एवं नवमी को भक्तों द्वारा पूजन, हवन, कन्या भोज एवं भण्डारे का आयोजन किया जाता है जहां भारी भीड़ होती है। साथ ही नवरात्रि के अवसर पर मंदिर समिति द्वारा भी भंडारे का विशेष आयोजन किया जाता है। बात चाहे चैत्र नवरात्रि की हो या क्वांर नवरात्रि की हो, दोनों नवरात्रो में यहां न केवल जिले बल्कि अन्य प्रांतों से भी भक्त दर्शन के साथ अपनी-अपनी मुरादे लेकर मां के दरबार में पहुंचते हैं। भक्तों का विश्वास श्रद्धा मां के प्रति बढ़ती गई और बाद में अष्टभुजी मंदिर समिति द्वारा अब यह एक सुन्दर व भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया है। भक्तों का विश्वास है कि माता सभी की मुंहमांगी मुरादें पूरी करती हैं। बताया जाता है कि माता के आशीर्वाद से कइयो की खाली गोद भर गई। कई बेरोजगारों को रोजगार मिला। कई व्यापारियों का व्यापार माता के आशीर्वाद से बढ़ गया। गोतरा देवी की ख्याति चमत्कारिक देवी के रूप में काफी दूर-दूर तक होने के कारण यहां नवरात्र के दिनों में भक्तगण विशेष रूप से पहुंचते हैं। आस्था के साथ यहां मांगी गई भक्तों की सभी मुरादें मां अवश्य पूरा करती हैं।
