छिंदवाड़ा:श्रीराम लीला मंडल के सावन जैन ने बताया कि छिंदवाड़ा जिले की सांस्कृतिक धरोहर छिंदवाड़ा की रामलीला बीते दिवस से ही रावण से जुड़े हुए प्रसंगों की शुरुआत हो गई है। भरत के चित्रकूट से निकलने के बाद श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ चित्रकूट से प्रवास कर जाते हैं तथा अत्रि मुनि और अनुसूईया माता के आश्रम पहुंचकर उनसे शिक्षा दीक्षा लेते हैं। तत्पश्चात शरभंग ऋषि के आश्रम पहुंचते हैं जिससे ऋषिवर का संकल्प पूरा होता है जिसके बाद सुतीक्ष्ण ऋषि तीनों को अगस्त मुनि के आश्रम की ओर ले जाते हैं और अगस्त मुनि की महिमा का वृतांत सुनाते हैं।
अगस्त मुनि के आश्रम पहुंचने के बाद पंचवटी का पता मिलता है, पंचवटी पहुंचने पर ही असुरों से दो-दो हाथ शुरू हो जाता है जिसकी शुरुआत में स्वरूप सूर्पनखा की अपने राज्य में विचरण करते हुए श्री राम लक्ष्मण से नजर मिलती है। श्री राम और लक्ष्मण के पास विवाह का प्रस्ताव रखने के बाद शूर्पनखा को जब नाकामी हाथ लगती है तो वह अपना राक्षसी रूप धरकर श्रीराम के सम्मुख आ जाती है। क्रुद्ध होकर लक्ष्मण उसके नाक कान काट देते हैं। वो लौटकर अपने भाइयों से सारा रोना रोती है। खर दूषण पंचवटी पहुंचकर श्री राम को ललकारते हैं। घनघोर युद्ध के बाद दोनों का वध हो जाता है।
आज होगा सीता हरण००००
मंडल के वरिष्ठ कलाकार संतोष नामदेव ने बताया कि आज की लीला कई मायनों में खास होगी जहां माता सीता का हरण रावण के काल का कारण बनेगा।
प्रभु श्री राम का रामभोग है महाभोग०००
समिति के संतोष जैन सरल एवं राजकुमार चौरासिया ने बताया कि प्रतिदिन मंडल के समस्त सदस्यों के लिए रामभोग की सेवा की जा रही है। इस राम भोग के माध्यम से प्रतिदिन 500 से अधिक लोग भोजन करते है।
