वॉशिंगटन, 13 अक्टूबर (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि एशिया की आगामी यात्रा के दौरान वह उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन से मिल सकते हैं, जिससे अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच फिर से कूटनीति शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। श्री ट्रंप 18-19 नवंबर को चीन के शेनझेन में होने वाले एशिया प्रशांत महासागरीय आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन में शामिल होने की योजना बना रहे हैं। व्हाइट हाउस में जब श्री ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह अपनी यात्रा के दौरान श्री किम से मिलने की योजना बना रहे हैं तो श्री ट्रंप ने कहा, “हो सकता है।”
शनिवार को ओहायो में एक चुनावी रैली में श्री ट्रंप ने कहा कि श्री किम के साथ उनके बहुत अच्छे संबंध हैं और उन्होंने परमाणु हथियार वाले देशों के नेताओं के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के महत्व पर बल दिया।
विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने पहले कहा था कि श्री ट्रंप उत्तर कोरिया के साथ बातचीत को कोई रियायत नहीं मानते हैं और अगर इससे अमेरिका के राष्ट्रीय हितों को फ़ायदा होता है, तो वह प्योंगयांग के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं।दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, श्री ट्रंप की यह टिप्पणी उत्तर कोरिया द्वारा अपने पूर्वी तट के पास समुद्र की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के एक दिन बाद आई है। दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ़ स्टाफ़ (जेसीएस) ने बताया कि सोमवार को प्योंगयांग द्वारा दागी गई एक मिसाइल ने 900 किलोमीटर (559 मील) से ज़्यादा की दूरी तय की। हालांकि सेना ने मिसाइलों की कुल संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
जापान के उप-रक्षा मंत्री ताकाशी कोयारी ने कहा कि कम से कम दो मिसाइलें 17 मिनट के अंतराल पर दागी गयीं और वे जापान के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरीं। पहली मिसाइल ने लगभग 220 किलोमीटर (137 मील) की दूरी तय की जबकि दूसरी मिसाइल 910 किलोमीटर (565 मील) से ज़्यादा दूर तक गई। श्री कोयारी के अनुसार, दूसरी मिसाइल का उड़ान का रास्ता अनियमित था जिससे संकेत मिलता है कि यह शायद हाइपरसोनिक हथियार रहा होगा। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने इन प्रक्षेपण को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करार देते हुए इनकी निंदा की और उत्तर कोरिया से इन्हें तुरंत रोकने के लिए कहा। इससे पहले अगस्त में, श्री ट्रंप ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि वे इस साल के आखिर में वह श्री किम से मिलेंगे। इससे यह अटकलें तेज हो गईं कि वह उस व्यक्तिगत कूटनीति को फिर से शुरू कर सकते हैं। उनके पहले कार्यकाल में तीन बार दोनों नेताओं की आमने-सामने की मुलाकातें हुई थीं।
दोनों नेताओं की मुलाक़ात जून 2018 में सिंगापुर में, फरवरी 2019 में हनोई में और जून 2019 में अंतर-कोरियाई सीमा पर स्थित गांव पनमुनजोम में हुई। जेसीएस के प्रवक्ता जांग डो-यंग ने कहा कि उत्तर कोरिया का हालिया प्रक्षेपण शक्ति प्रदर्शन की कोशिश लग रहे हैं, ये दक्षिण कोरिया के अपने हाइपरसोनिक मिसाइल टेस्ट के कुछ दिनों बाद हुए हैं। गुरुवार को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने देश की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल प्रक्षेपण की निगरानी की, किसी मौजूदा दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति द्वारा हथियार के टेस्ट का यह एक असामान्य सार्वजनिक प्रदर्शन था।
श्री ली के ऑफ़िस ने कहा कि एक बार पूरी तरह से विकसित हो जाने पर यह हथियार कोरियाई प्रायद्वीप में संभावित संघर्ष के दौरान अहम ठिकानों पर अचानक हमला करने की देश की क्षमता को मज़बूत करेगा।
खबरों के अनुसार, उत्तर कोरिया ने तीन अक्टूबर को एक हाइपरसोनिक मध्यम दूरी की मिसाइल का भी परीक्षण किया, जिसे दक्षिण कोरिया और जापान की मिसाइल सुरक्षा प्रणालियों से बचने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
दोनों कोरियाई देशों को अलग करने वाले विसैन्यीकृत क्षेत्र में लैंडमाइन धमाके के कारण भी तनाव बढ़ गया है। पिछले हफ़्ते हुए इस धमाके में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हो गए थे, जिसके बाद सियोल ने माफ़ी की मांग की थी।
श्री किम ने रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने के लिए अमेरिका और दक्षिण कोरिया की पेशकशों को ठुकराते हुए उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम का विस्तार जारी रखा है। उत्तर कोरिया ने बार-बार मांग की है कि अमेरिका उत्तर कोरिया के प्रति अपनी तथाकथित शत्रुतापूर्ण नीति को छोड़े और बातचीत के लिए पूर्व शर्त के रूप में परमाणु निरस्त्रीकरण की अपनी मांगों को वापस ले।

