हैदराबाद, सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए एक अचानक और खौफनाक मिसाइल हमले में हैदराबाद के एक 45 वर्षीय आईटी इंजीनियर मोहम्मद यूसुफ अली की दर्दनाक मौत हो गई है। मूल रूप से हैदराबाद के मेहदीपट्टनम के रहने वाले यूसुफ अली पिछले दस वर्षों से सऊदी अरब में ही कार्यरत थे। वे हाल ही में हैदराबाद आए थे और अपनी पत्नी तथा बच्चों को उमरा की यात्रा पर ले जाने के लिए इसी महीने की 2 तारीख को उनके साथ वापस सऊदी लौटे थे। शनिवार को जब पूरा परिवार रियाद एयरपोर्ट से मदीना जाने के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था, तभी वहां हुए इस घातक हमले में यूसुफ अली गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
सर्जरी के बाद दोनों पैर काटने पड़े, हालत में सुधार की उम्मीद के बीच रविवार सुबह पड़ा दिल का दौरा
हादसे के तुरंत बाद घायल यूसुफ अली को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए आपातकालीन सर्जरी की और गंभीर चोटों के चलते उनके दोनों पैर काटने पड़े। शुरुआती इलाज के बाद जब ऐसा लगा कि उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है और वे खतरे से बाहर हैं, तो रविवार सुबह अचानक उन्हें एक तेज हार्ट अटैक (दिल का दौरा) आया, जिससे उनका निधन हो गया। इस दुखद हादसे में यूसुफ अली के दो बेटे और उनकी भाभी अतिया सुल्ताना भी घायल हुए हैं, जिनका स्थानीय अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि उनकी पत्नी और एक बेटी सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से की बात, पार्थिव शरीर भारत लाने के प्रयास जारी
इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिलते ही ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी पुष्टि की और दुख जताया। ओवैसी ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले को तुरंत विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रियाद स्थित भारतीय दूतावास के संज्ञान में ला दिया है। एआईएमआईएम के स्थानीय नेता और पार्टी प्रतिनिधि लगातार पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं और रियाद में मौजूद रिश्तेदारों के साथ समन्वय स्थापित कर दिवंगत यूसुफ अली के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द हैदराबाद उनके पैतृक निवास लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

