डिलीवरी के बाद महिला की मौत, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

इंदौर: डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने से 20 वर्षीय महिला की मौत हो गई. परिजनों ने राजमोहल्ला स्थित ऑरेंज अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद महिला को ज्यादा ब्लीडिंग होने लगी थी. मामले में रविवार को महिला का पोस्टमार्टम कराया. पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की है.
जबरन कॉलोनी में रहने वाली 20 वर्षीय नैना पति आजाद वंशकार की 8 सितंबर को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी. पति आजाद उसे लेकर प्रकाश चंद्र सेठी अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिले. इसके बाद वे एमटीएच अस्पताल गए. यहां भी ठीक से उपचार नहीं मिलने पर नैना को राजमोहल्ला स्थित ऑरेंज अस्पताल में भर्ती कराया. आजाद ने पुलिस को बताया कि यहां डिलीवरी के दौरान नैना ने बेटे को जन्म दिया. इसके बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताकर अगले दिन अरविंदो अस्पताल रेफर कर दिया. यहां 10 सितंबर की अलसुबह नैना की मौत हो गई. नैना की यह पहली डिलीवरी थी और उसकी शादी को डेढ़ साल ही हुए थे.

इस थाने से उस थाने भेजा जाता रहा परिजनों को
परिजन मामले में कार्रवाई और पोस्टमार्टम के लिए पहले बाणगंगा थाने पहुंचे. वहां से दूसरे थाना क्षेत्र का मामला बताकर उन्हें रवाना कर दिया. इसके बाद वे मल्हारगंज और रावजी बाजार थाने भी पहुंचे. इस वजह से शनिवार को पोस्टमार्टम नहीं हो पाया. बाद में बाणगंगा पुलिस ने मर्ग कायम कर रविवार को पोस्टमार्टम कराया. परिजनों का आरोप है कि ऑरेंज अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान लापरवाही के कारण नैना को ज्यादा ब्लीडिंग हुई और उसकी हालत बिगड़ती चली गई. हालांकि, इलाज में लापरवाही हुई या नहीं और मौत की वास्तविक वजह क्या रही, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. नैना के पति मजदूरी से जुड़ा काम करते हैं.

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