इंदौर:केंद्रीय जेल में कैदियों में डेंगू के संभावित खतरे को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है. पिछले दिनों कैदियों में डेंगू के लक्षण सामने आने के बाद जेल प्रबंधन ने जिला मलेरिया विभाग की मदद से जागरूकता और प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है. पिछले दो दिनों में करीब 300 कैदियों को ट्रेनिंग दी गई, ताकि बुखार या डेंगू से जुड़े दूसरे लक्षण दिखाई देने पर समय रहते इसकी पहचान कर उपचार कराया जा सके.
केंद्रीय जेल में करीब 15 दिन पहले तीन कैदियों को तेज बुखार आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद दो कैदियों में डेंगू के लक्षण पाए जाने की जानकारी सामने आई. इसे देखते हुए जेल प्रबंधन ने कैदियों को बीमारी के लक्षणों और बचाव के तरीकों की जानकारी देने पर जोर दिया है. जिला मलेरिया विभाग के अधिकारियों ने कैदियों को बताया कि बुखार आने या तबीयत बिगड़ने पर इसकी जानकारी तत्काल जेल प्रशासन को दें, ताकि जांच और उपचार में देरी न हो. केंद्रीय जेल अधीक्षक दिनेश नरगावे ने नव भारत को बताया कि कैदियों के स्वास्थ्य को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है. जिला मलेरिया विभाग के अधिकारियों के माध्यम से 300 कैदियों को ट्रेनिंग दिलाई है. इसका उद्देश्य लक्षण सामने आने पर समय पर उपचार सुनिश्चित करना है.
