
भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के काम को लेकर सरकार और पटवारी संघ के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। योजना का काम समय पर पूरा कराने के लिए प्रशासन ने प्रदेशभर में 3500 से अधिक पटवारियों को नोटिस जारी किए हैं। वहीं, 29 पटवारियों को बर्खास्त और 129 से अधिक को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद पटवारी संघ अपनी मांगें पूरी होने तक काम पर लौटने को तैयार नहीं है।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल से मिले पटवारी संघ के पदाधिकारी
शुक्रवार को पटवारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल में प्रांतीय पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अश्विन सैनी, मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे। मुलाकात के बाद संघ पदाधिकारियों ने बताया कि उपमुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर विचार करते हुए सुधार के लिए नोटशीट मुख्य सचिव को भेजी है। हालांकि, संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने और बर्खास्तगी व निलंबन की कार्रवाई वापस लिए जाने के बाद ही पटवारी काम पर लौटेंगे।
स्वामित्व योजना के तहत 50 लाख परिवारों को दस्तावेज देने का लक्ष्य
राज्य सरकार ने 17 सितंबर को स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी भूमि पर काबिज परिवारों को निशुल्क संपत्ति दस्तावेज उपलब्ध कराने का अभियान शुरू किया था। इसके तहत करीब 50 लाख हितग्राहियों को दस्तावेज देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार इस काम को तय समय-सीमा में पूरा कराना चाहती है, लेकिन पटवारियों के विरोध के कारण योजना की प्रगति प्रभावित हो रही है।
दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और कानूनी जवाबदेही को लेकर आपत्ति
पटवारियों की प्रमुख आपत्ति संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों में निष्पादक के रूप में हस्ताक्षर करने और भविष्य में किसी कानूनी विवाद की जिम्मेदारी को लेकर है। संघ का कहना है कि जिस संपत्ति पर उनका स्वामित्व नहीं है, उसके दस्तावेजों में उनकी भूमिका और कानूनी जवाबदेही स्पष्ट होनी चाहिए। दूसरी ओर, सरकार योजना का काम समय पर पूरा कराने पर जोर दे रही है।
हड़ताल से प्रभावित हो सकते हैं राजस्व संबंधी काम
पटवारियों के अनिश्चितकालीन आंदोलन का असर आम लोगों से जुड़े राजस्व कार्यों पर पड़ने की आशंका है। नामांतरण, भूमि बंटवारा, सीमांकन, खसरा-खतौनी में सुधार, फसल नुकसान का सर्वे और विभिन्न सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों का सत्यापन जैसे काम प्रभावित हो सकते हैं। जाति, आय और निवास प्रमाणपत्रों के लिए जरूरी सत्यापन में भी देरी की आशंका है।
अब सरकार के अगले कदम पर नजर
पटवारी संघ ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का रुख अपनाया है। वहीं, उपमुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्य सचिव को नोटशीट भेजे जाने की बात सामने आई है। अब देखना होगा कि सरकार पटवारियों की मांगों और स्वामित्व योजना के काम को लेकर क्या निर्णय लेती है।
