वॉशिंगटन, 08 अक्टूबर (वार्ता) न्यूयॉर्क में संघीय अभियोजन अधिकारी वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के खिलाफ नए आरोप लगाने की तैयारी कर रहे हैं। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार ये आरोप वेनेजुएला सरकार की हिरासत में रखे गए अमेरिकियों को प्रताड़ित करने से जुड़े हैं। इसकी घोषणा गुरुवार को हो सकती है। इस सिलसिले में मादुरो दंपती के गुरुवार को अदालत में पेश किये जाने की संभावना है। यह मामला एक दर्जन से अधिक अमेरिकी नागरिकों से जुड़ा है, जिन्हें मादुरो के सत्ता में रहने के दौरान वेनेजुएला में जेल में डाल दिया गया था। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार अधिवक्ता ने अमेरिकी कैदियों के साथ दुर्व्यवहार में भूमिका के लिए कई अन्य लोगों पर भी आरोप लगाने पर चर्चा की है।
गौरतलब है कि 69 वर्षीय फ्लोरेस और 63 वर्षीय मादुरो को 3 जनवरी को अमेरिकी सेना ने काराकस स्थित उनके घर से पकड़ा था और न्यूयॉर्क लाया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने ड्रग तस्करों को कोकीन की तस्करी करने की अनुमति देने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया। सुश्री सिलिया फ्लोरेस के अधिवक्ता अमेरिकी जिला जज एल्विन हेलरस्टीन से स्वास्थ्य कारणों से उन्हें जमानत देने का अनुरोध करेंगे क्योंकि अगले साल ड्रग तस्करी के मामले में उनकी सुनवाई होनी है।
उन्होंने मादक पदार्थ आतंकवाद की साजिश और अन्य आरोपों में खुद को निर्दोष बताया है और उन्हें न्यूयॉर्क में बिना जमानत के हिरासत में रखा गया है। इस बीच श्री मादुरो के अधिवक्ता ने उनकी गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाए हैं और तर्क दिया है कि उन्हें छूट मिलनी चाहिए क्योंकि घटनाएं तब हुई थीं जब वह राष्ट्रपति थे। अधिवक्ता का कहना है कि वेनेजुएला सरकार उनकी ओर से छूट का दावा नहीं कर रही है।
अमेरिकी अधिकारी और मानवाधिकार कार्यकर्ता लंबे समय से मादुरो सरकार पर हिरासत में लिए गए अमेरिकियों का इस्तेमाल राजनीतिक सौदेबाजी के लिए करने का आरोप लगाते रहे हैं। कई पूर्व कैदियों ने क्रूर व्यवहार का वर्णन किया है। अक्टूबर 2022 में कैदियों की अदला-बदली में रिहा हुए मैथ्यू हीथ और उस्मान खान ने एक मुकदमे में कहा कि उन्हें जेल यातना, बिजली के झटके, यौन उत्पीड़न की धमकियां, दिमाग पर असर करने वाली दवाएं दी गयीं और लंबे समय तक अकेले कैद में रखा गया। ‘सिटगो6’ 2017 में वेनेजुएला की यात्रा के बाद गिरफ्तार किए गए छह अमेरिकी तेल अधिकारियों ने भी हिरासत में लगभग पांच वर्षों के दौरान कठोर परिस्थितियों के बारे में बात की है।

