
इंदौर. आईडीए द्वारा सुपर कॉरिडोर की 3 सौ करोड़ की जमीन को लेकर हाईकोर्ट डिवीजन बेंच ने अपील की जाएगी. उक्त जमीन सुपर कॉरिडोर पर स्थित आईडीए की योजना में शामिल है, जिसका आईडीए द्वारा अवॉर्ड और मुआवजा पारित किया जा चुका है. उक्त जमीन को लेकर कुछ किसान कोर्ट गए थे और हाईकोर्ट सिंगल बेंच ने किसानों के पक्ष माफ फैसला देते हुए योजना से जमीन बाहर करने का निर्णय दिया है.
आईडीए योजना 139 और 169 की 45 एकड़ जमीन का हाईकोर्ट में प्रकरण हार गया है. उक्त जमीन सुपर कॉरिडोर पर स्थित है और जमीन का वर्तमान बाजार मूल्य करीब 3 सौ करोड़ रुपए बताया जा रहा है. आईडीए ने 2009 – 10 में सुपर कॉरिडोर पर योजना 169, 139 और 159 लागू की थी. उक्त योजना में 5 प्रतिशत जमीन के किसानों ने आईडीए से अनुबंध नहीं कर जमीन योजना से मुक्त करने की हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. आईडीए उक्त तीनों योजनाओं को लेकर अवार्ड और मुआवजा पारित कर चुका था, लेकिन किसानों ने आईडीए से अनुबंध नहीं किया. उक्त मामले में हाईकोर्ट सिंगल बेंच ने किसानों के पक्ष में फैसला करते हुए आदेश दिया कि किसानों की करीब 45 एकड़ जमीन योजना से बाहर की जाए. आईडीए विधि विभाग द्वारा हाईकोर्ट सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट की डिविजन बेंच में अपील की जा रही है. खबर की पुष्टि आईडीए विधि अधिकारी मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि किसानों का अवार्ड और मुआवजा पारित किया जा चुका है. शहर और आईडीए केजे योजना के विकास में उक्त जमीन महत्वपूर्ण है. हम सुप्रीम कोर्ट तक भी जाएंगे.
