नयी दिल्ली, 07 अक्टूबर (वार्ता) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय रक्षा उद्योग जगत के लिए रक्षा मंत्रालय की प्रूफ रेंज, फील्ड फायरिंग रेंज और परीक्षण सुविधाओं के इस्तेमाल की संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को मंजूरी दे दी है जिसमें सुविधाओं के आवंटन और इस्तेमाल की प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ जरूरी प्रारूप भी शामिल किए गए हैं।
रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि संशोधित एसओपी के तहत रक्षा मंत्रालय की विकास परियोजनाओं के लिए प्रूफ और परीक्षण शुल्क माफ कर दिया गया है। एसओपी में डीआरडीओ, सरकारी गुणवत्ता आश्वासन एजेंसियों और तीनों सेनाओं के पास उपलब्ध प्रूफ रेंज, फील्ड फायरिंग रेंज और प्रयोगशाला परीक्षण सुविधाओं की सूची भी दी गई है।
इसके अलावा जहां शुल्क लागू होगा, उसके निर्धारण और भुगतान की प्रक्रिया भी एसओपी में शामिल की गई है। इससे उद्योग के लिए दस्तावेज और प्रक्रिया सरल होगी। मौजूदा एसओपी में मध्यस्थता के प्रावधान की जगह सरल और उद्योग के अनुकूल सुलह समझौता प्रावधान किया गया है, ताकि घरेलू रक्षा उद्योग के सामने आने वाले मुद्दों का तेजी से समाधान हो सके।
प्रूफ रेंज में हर तिमाही तीन दिन का स्लॉट सरकार द्वारा प्रायोजित विकास परियोजनाओं की प्रूफ फायरिंग के लिए रखा गया है। इसमें रक्षा मंत्रालय की विकास परियोजनाओं के साथ घरेलू रक्षा उद्योग की अपनी पहल पर चल रही विकास परियोजनाएं भी शामिल हैं।
संशोधित एसओपी का उद्देश्य प्रूफ रेंज, फील्ड फायरिंग रेंज और परीक्षण सुविधाओं तक सरल, पारदर्शी और उद्योग के अनुकूल पहुंच उपलब्ध कराना है। इसमें स्वदेशीकरण, नवाचार और रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने वाली सरकारी पहलों को शामिल किया गया है।
