
कटनी। रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और गश्त के दावों के बीच कटनी रेलवे स्टेशन के आउटर क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बीते 28 सितंबर की आधी रात को प्रयागराज से तमिलनाडु की ओर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन में अज्ञात चोरों ने धावा बोलकर एक पूरी बोगी के यात्रियों का कीमती सामान पार कर दिया। घटना के बाद से ही रेल यात्रियों के बीच दहशत का माहौल है, वहीं रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेन जैसे ही कटनी रेलवे स्टेशन के आउटर सिग्नल के पास धीमी हुई, घात लगाए बैठे अपराधियों ने मौका पाकर ट्रेन में प्रवेश किया। चोरों ने बड़ी ही सफाई से एक पूरी बोगी में सो रहे यात्रियों के बैग, नकदी, मोबाइल और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। जब तक यात्रियों को चोरी का अहसास हुआ, तब तक शातिर चोर आउटर के अंधेरे का फायदा उठाकर चंपत हो चुके थे।
सुरक्षा तंत्र पर उठे 5 बड़े सवाल
* जवानों की तैनाती कहां थी? लंबी दूरी की ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए आरपीएफ और जीआरपी के जवानों की ड्यूटी लगाई जाती है। इसके बावजूद घंटों तक चोर बोगी में चोरी करते रहे और पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
* आउटर बना अपराधियों का सेफ जोन: कटनी स्टेशन का आउटर इलाका लंबे समय से सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना जाता रहा है। ट्रेन धीमी होते ही अपराधियों का हमला होना यह दर्शाता है कि आउटर पर नियमित निगरानी नहीं हो रही है।
* गश्त व्यवस्था केवल कागजों पर? रेलवे प्रशासन द्वारा समय-समय पर रात्रि गश्त के दावे किए जाते हैं, लेकिन चलती ट्रेन में पूरी बोगी का सामान साफ हो जाना जमीनी हकीकत बयां करता है।
* घटना से पहले सुरक्षा क्यों नहीं? यात्रियों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन हमेशा घटना घटने के बाद ही रेस होता है, जबकि प्राथमिकता अपराध को रोकने की होनी चाहिए।
* जवाबदेही किसकी? रेलवे टिकट के साथ यात्री अपनी सुरक्षा की उम्मीद भी रेलवे से ही बांधता है। ऐसे में इस बड़ी लापरवाही की जवाबदेही किस अधिकारी की होगी?
पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति
घटना की सूचना मिलने के बाद आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय कटनी पुलिस हरकत में आई है। पुलिस टीमों ने आउटर और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू किया है। कुछ संदिग्धों के नाम सामने आए हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को हिरासत में लेकर चोरी गया सामान बरामद कर लिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, यात्रियों और रेल संगठनों की मांग है कि केवल चोरों की धरपकड़ ही काफी नहीं है, बल्कि उस वक्त ट्रेन में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही की भी विभागीय जांच होनी चाहिए।
