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स्टॉकहोम। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ने भौतिकी का नोबेल पुरस्कार बेल्जियम के वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्जेन को देने का ऐलान किया है। उन्हें आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी में अहम योगदान और उच्च ऊर्जा वाले एस्ट्रोफिजिकल न्यूट्रिनो की खोज के लिए यह सम्मान दिया गया है।
1944 में जन्मे हाल्जेन विस्कॉन्सिन-मैडिसन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। उन्होंने 1988 में दक्षिणी ध्रुव की बर्फ का इस्तेमाल न्यूट्रिनो पकड़ने के लिए करने का विजन पेश किया था, जिससे एक क्यूबिक किलोमीटर में फैली आइसक्यूब लैब बनी।
न्यूट्रिनो लगभग शून्य द्रव्यमान वाले कण हैं जो बिना बाधा पृथ्वी के आर-पार चले जाते हैं। इनसे सुदूर ब्रह्मांड की ऊर्जा-प्रचुर प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिलती है।
पुरस्कार की घोषणा पर हाल्जेन ने कहा कि यह बड़ा सरप्राइज है और यह सम्मान उन साहसी वैज्ञानिकों को जाता है जिन्होंने शुरुआती दौर में इस प्रोजेक्ट पर भरोसा किया।