इंदौर: निर्वाचन कार्यालय से मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से जुड़े फॉर्म-6, 7 और 8 की करीब 50 बोरियां चोरी हो गई. पुलिस द्वारा पर्याप्त जांच के बिना प्रकरण में खात्मा रिपोर्ट प्रस्तुत करने को लेकर संदेह पैदा हो गया है. पुलिस की खात्मा रिपोर्ट से चुनाव व्यवस्था और प्रशासन कटघरे में खड़ा नजर आ रहा है. उक्त मामले को लेकर कांग्रेस ने सवाल किया है कि ऐसा कैसे हो सकता है.
निर्वाचन विभाग से आरटीआई में मिली जानकारी के अनुसार करीब 3 लाख 2 हजार 200 खाली फॉर्म चोरी हो गए थे, जिनमें फॉर्म-6 के जरिए नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, फॉर्म-7 से नाम हटाने और फॉर्म-8 से पता/विवरण संशोधन की प्रक्रिया जुड़ी है. उक्त मामले को लेकर पुलिस ने जांच रिपोर्ट में खात्मा पेश कर दिया. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अमित चौरसिया ने कहा कि यह सामान्य कागजों की चोरी का मामला नहीं है.
ये वे दस्तावेज हैं जो सीधे मतदाता सूची और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े हैं. उन्होंने कहा, वोटर के अधिकार से जुड़े दस्तावेज 50 बोरी भरकर गायब हो जाएं और जांच में सुराग तक न मिले, फिर मामला खात्मे तक पहुंच गया, तो सवाल सिर्फ चोरी का नहीं, जांच पर संदेह पैदा करता है. लोकतंत्र में मतदाता सूची की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी जरूरी है, जो लापरवाही के साथ सुनियोजित एजेंडा प्रतीत होती है. कांग्रेस प्रवक्ता ने मांग की कि निर्वाचन आयोग पूरे मामले का संज्ञान लेकर इंदौर जिला निर्वाचन कार्यालय से रिपोर्ट तलब करें. साथ ही पुलिस प्रशासन निष्पक्ष पुनः जांच की कार्रवाई सार्वजनिक करे.
