शिवराज सिंह की अध्यक्षता में पहली समग्र मासिक समीक्षा बैठक आयोजित

नयी दिल्ली, (वार्ता) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को कृषि भवन में मंत्रालय की पहली समग्र मासिक समीक्षा बैठक हुई, जिसमें कृषि योजनाओं की प्रगति, डिजिटल कृषि, दलहन-तिलहन उत्पादन, प्राकृतिक खेती और फसल बीमा सहित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी।

मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बैठक में बताया गया कि देश में अब तक 10.77 करोड़ से अधिक विशिष्ट ‘फार्मर आईडी’ बनायी जा चुकी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर 14 करोड़ किसानों के डिजिटल एकीकरण का लक्ष्य रखा गया है। डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत चालू खरीफ सीजन में 26.73 करोड़ से अधिक खेतों का सर्वे पूरा होने की भी जानकारी दी गयी।

श्री चौहान ने इसी महीने 22 अक्टूबर से देशभर में ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू करने के निर्देश दिये। अभियान के तहत मिट्टी की सेहत, पराली एवं कृषि अवशेष प्रबंधन तथा संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग को लेकर किसानों को जागरूक किया जाएगा और कृषि वैज्ञानिक एवं मैदानी अमला सीधे किसानों तक पहुंचेगा।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में दलहन का उत्पादन 266 लाख टन के लक्ष्य के मुकाबले 274.09 लाख टन रहा, जबकि बुआई का क्षेत्रफल 283 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य से बढ़कर 286.46 लाख हेक्टेयर हो गया। इसी अवधि में तिलहन का उत्पादन 427 लाख टन के लक्ष्य के मुकाबले 430.59 लाख टन रहा।

प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में भी निर्धारित लक्ष्य से अधिक प्रगति का दावा किया गया। वर्ष 2025-26 में 20.93 लाख किसानों ने प्राकृतिक खेती अपनायी और 10.32 लाख हेक्टेयर क्षेत्र इसके दायरे में आया। अब तक कुल 27.32 लाख किसान और 12.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्राकृतिक खेती से जुड़ने की जानकारी दी गयी।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत चालू खरीफ सीजन में किसानों का नामांकन पिछले खरीफ के 2.30 करोड़ से 23 प्रतिशत बढ़कर 2.83 करोड़ होने की जानकारी दी गयी। बीमित क्षेत्र 2.97 करोड़ हेक्टेयर और बीमित राशि 1.86 लाख करोड़ रुपये बतायी गयी।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2026-27 में अब तक 664 नयी परियोजनाओं को मंजूरी दिये जाने की जानकारी दी गयी। वहीं कृषि अवसंरचना कोष के तहत 2.25 लाख से अधिक परियोजनाओं के लिए 1,01,502 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण स्वीकृत किये जाने की बात कही गयी।

श्री चौहान ने अधिकारियों को योजनाओं की वित्तीय और भौतिक प्रगति की हर महीने समीक्षा करने तथा धीमी गति वाले राज्यों और जिलों में विशेष प्रयास करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को कागजी रिपोर्टों पर निर्भर रहने के बजाय क्षेत्र का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति की जांच करनी चाहिए।

 

 

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