जबलपुर: गन फॉर ग्लोरी शूटिंग अकादमी में सोमवार को देश के दिग्गज ओलंपियन खिलाड़ियों की मौजूदगी में युवा निशानेबाजों के लिए विशेष इंटरैक्टिव सत्र आयोजित हुआ। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने खिलाड़ियों से सीधा संवाद करते हुए प्रतियोगिता की तैयारी, दबाव, आत्मविश्वास और पढ़ाई-खेल के संतुलन पर अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान भारतीय ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष एवं ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग, ओलंपियन एवं कॉमनवेल्थ गेम्स पदक विजेता अन्नू राज सिंह नारंग सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। नवभारत से खास बातचीत में नीरज चोपड़ा ने खेल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर खुलकर बात की।
सवाल: बड़ी प्रतियोगिता में दबाव के बीच खिलाड़ी अपना फोकस कैसे बनाए रखे?
जवाब: दबाव खेल का हिस्सा है, लेकिन उस समय परिणाम के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय अपनी तैयारी पर भरोसा रखना चाहिए। प्रतियोगिता में वही करने की कोशिश करें, जिसकी लंबे समय से तैयारी की है। इससे आत्मविश्वास बना रहता है और प्रदर्शन बेहतर होता है।सवाल: युवा निशानेबाजों को खेल में आगे बढ़ने के लिए सबसे ज्यादा किस बात पर ध्यान देना चाहिए?
जवाब: नियमित अभ्यास के साथ अपनी गलतियों को पहचानना और उनमें सुधार करना जरूरी है। खेल में हर दिन कुछ नया सीखने का अवसर मिलता है। धैर्य और अनुशासन बनाए रखते हुए छोटे-छोटे लक्ष्य तय करें और लगातार उन पर काम करते रहें।
सवाल: पढ़ाई और खेल की ट्रेनिंग को साथ लेकर चलने का बेहतर तरीका क्या है?जवाब: दोनों ही जरूरी हैं। इसके लिए समय का सही प्रबंधन करना होगा। दिनचर्या तय कर पढ़ाई और प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करें और उसका ईमानदारी से पालन करें। लक्ष्य स्पष्ट हो और समय का सही उपयोग किया जाए तो पढ़ाई के साथ खेल में भी बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।
नवभारत से बातचीत के दौरान नीरज चोपड़ा ने कहा कि खिलाड़ी को अपनी तैयारी पर विश्वास रखते हुए मानसिक रूप से भी मजबूत रहना चाहिए। उन्होंने युवा निशानेबाजों से कहा कि खेल में सफलता के लिए निरंतर अभ्यास के साथ अनुशासन और धैर्य जरूरी है। सत्र के दौरान खिलाड़ियों ने नीरज से खुलकर सवाल किए और उनके अनुभवों को करीब से जाना। कार्यक्रम में अखिलेश जैन, दिग्विजय सिंह, प्रशांत मिश्रा, पर्व जायसवाल, सुप्रिया जायसवाल, यश कौशिक, कन्हैया राठौर और आशीष रैकवार सहित अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
