
नीमच। शहर के मंडी रोड को बघाना क्षेत्र से जोडऩे वाला प्रमुख मंडी रेलवे फाटक अचानक टूट गया। फाटक किस कारण से टूटा, इसकी स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। हालांकि फाटक टूटने के बाद इस व्यस्त मार्ग पर रेलवे यातायात और सडक़ सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मंडी रेलवे फाटक शहर के प्रमुख आवागमन मार्गों में शामिल है। यहां से दिनभर बड़ी संख्या में दोपहिया, चारपहिया सहित अन्य वाहन गुजरते हैं। दूसरी ओर इसी रेलवे मार्ग से ट्रेनों की लगातार आवाजाही होती है। सामान्य स्थिति में ट्रेन आने पर फाटक बंद कर सडक़ यातायात को रोका जाता है, लेकिन फाटक टूटने के बाद यह व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
ट्रेन आई तो सडक़ यातायात कैसे रोका जाएगा?
फाटक टूटने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि ट्रेन के आने और गुजरने के दौरान सडक़ यातायात को किस तरह सुरक्षित रूप से रोका जाएगा। यदि समय रहते वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो व्यस्त मार्ग होने के कारण जोखिम की स्थिति बन सकती है।
मंडी रेलवे फाटक से प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक आवागमन करते हैं। ऐसे में रेलवे के लिए आवश्यक है कि फाटक की मरम्मत होने तक मौके पर प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ट्रेन के आवागमन के समय सडक़ से आने-जाने वाले वाहनों और पैदल राहगीरों को रेलवे ट्रैक से दूर रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध जरूरी होंगे।
फाटक की मरम्मत तक अस्थायी व्यवस्था जरूरी
फाटक टूटने के बाद अब निगाहें रेलवे की अगली कार्रवाई पर हैं। फाटक की स्थिति को देखते हुए उसकी जल्द मरम्मत के साथ-साथ तब तक अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था करना जरूरी माना जा रहा है। व्यस्त मार्ग और लगातार रेल यातायात को देखते हुए छोटी सी लापरवाही भी परेशानी का कारण बन सकती है।
ऐसे में सवाल सिर्फ टूटे फाटक की मरम्मत का नहीं, बल्कि मरम्मत होने तक ट्रेन और सडक़ यातायात के बीच सुरक्षित समन्वय बनाए रखने का भी है।
