जबलपुर: दवाओं के साथ जीवनशैली में बदलाव डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए बेहद जरूरी है। यदि मरीज खान-पान, व्यायाम और दिनचर्या में आवश्यक बदलाव नहीं करता तो दवाओं के बावजूद ब्लड शुगर को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। अनियंत्रित डायबिटीज आगे चलकर आंखों, किडनी, मस्तिष्क की धमनियों और हृदय को प्रभावित कर गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है।
इससे मरीज को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इन जटिलताओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसी विषय को 11वीं राज्य स्तरीय डायबिटीज कांफ्रेंस में शोध कार्य के माध्यम से प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। कांफ्रेंस में इंसुलिन वर्कशॉप के दौरान इंसुलिन लगाने के सही तरीके और इससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से करीब 1000 चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर शोध कार्य और चिकित्सा क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया।
