मयार नदी में गिरी स्कॉर्पियों वाहन

सिंगरौली । सासन गांव से बैढ़न आ रही एक स्कॉर्पियों वाहन बेकाबू होकर मयार नदी में गिर गई, जहां वाहन में सवार पॉच लोग डूबने से बाल-बाल बच गये। सीआईएसएफ एवं कोतवाली पुलिस कर्मी देवदूत बनकर पहुंचे। हालांकि इस घटना में सभी को चोटे आई, जिनका उपचार जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न किया गया। वहीं आज दोपहर के समय एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर पानी में डूबी स्कॉर्पियों वाहन को बाहर निकाला गया।

जानकारी के अनुसार एक शराब ठेकेदार के पॉच स्टाफ सासन गांव से बीती रात करीब 12 बजे बैढ़न की ओर आ रहे थे कि बेकाबू स्कॉर्पियों वाहन मयार नदी में समा गई। इस वाहन में चन्द्रभूषण यादव पिता दीप नारायण यादव उम्र 35 वर्ष, सचिन पिता सुरेश उम्र 24 वर्ष, धीरज पिता दुधनाथ राय उम्र 20 वर्ष अश्वनी पिता शम्भू उम्र 24 वर्ष एवं पवन कुमार पिता राजाराम यादव उम्र 30 वर्ष सवार थे, जहां कार के साथ नदी के गहरे पानी में डूबने लगे। गनिमत यही रही कि घटनास्थल से चन्द कदम दूर एनटीपीसी रिहंद के सीआईएसएफ जवान कोयला माल गाड़ी को देख-रेख में लगे थे। वाहन पलटने की आवाज सुनकर तत्काल स्थल पहुंच देवदूत की तरह वाहन में सवार पॉचों लोगों को बचाने में जुट गये। अंतत: सभी को रेस्क्यू कर सरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि इस दौरान कोतवाली पुलिस भी पहुंच कर बचाव कार्य में जुट गई और सभी घायलो को जिला चिकित्सालय ट्रामा सेंटर बैढ़न में भर्ती कराया गया। इधर आज सुबह इसकी जानकारी आग की तरह फैल गई और घटनास्थल पर भारी संख्या में भीड़ भी जमा हो गई। एसडीआरएफ टीम के द्वारा करीब पॉच घंटे के कड़ी मशक्कत के बाद स्कॉर्पियों वाहन को बाहर निकाला गया।

अफवाहो पर लगा विराम

अफवाह उड़ी थी कि स्कॉर्पियों वाहन में भारी मात्रा में शराब लोड थी और कोई पीछा कर रहा था, संभवत: इसीलिए चालक बेकाबू गति से वाहन चला रहा था और नियंत्रण खोने के बाद उबड़-खाबड़ पथरैल एवं झाड़ियों को पार करते हुये नदी में समा गई। हालांकि जब रेस्क्यू कर एसडीआरएफ की टीम ने स्कॉर्पियों वाहन को नदी से पानी के बाहर निकाला तो, उसमें ऐसा कुछ भी नही निकला, स्कॉर्पियों वाहन खाली निकली। अंतत: अफवाहों पर विराम लग गया। बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियों वाहन शराब कारोबार से जुड़े एक ठेकेदार की है। वहीं घटनास्थल पर शराब ठेकेदार भी पहुंचे थे। उन्होंने अफवाहों का खंडन किया।

देवदूत बने सीआईएसएफ, मिली नई जिदंगी

घटनास्थल को देखने के बाद लोगों के रोंगटे खड़े हो जा रहे थे और चर्चाएं कर रहे थे कि इस बीहड़ पेड़-पौधे, पत्थर, उबड़-खाबड़ भूमि से पार कर स्कॉर्पियों वाहन नदी में कैसे पहुंच गई। हार कोई आश्चर्यचकित और हैरान भी है। यही माना जा रहा है कि सीआईएसएफ के जवान एवं कोतवाली पुलिस देवदूत बनकर सामने आए, जहां वाहन में सवार पॉचों लोगों की नई जिदंगी मिली है। वाहन में सवार सभी लोग सीआईएसएफ जवान एवं पुलिस के प्रति शुक्रिया अदा की है।

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