ब्रासीलिया, 03 अक्टूबर (वार्ता) ब्राजील में रविवार को होने वाला राष्ट्रपति चुनाव लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सबसे बड़े लोकतंत्र की राजनीतिक दिशा तय करेगा। तेरह उम्मीदवारों के बीच मुकाबले में राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के पुत्र सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो प्रमुख दावेदार हैं। हालिया सर्वेक्षणों में दोनों के बीच कड़ा मुकाबला सामने आया है।
चार अक्टूबर को होने वाले पहले चरण में यदि किसी उम्मीदवार को वैध मतों का 50 प्रतिशत से अधिक नहीं मिलता है, तो 25 अक्टूबर को शीर्ष दो उम्मीदवारों के बीच दूसरे चरण का मतदान होगा।
यह 2023 में पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के समर्थकों द्वारा राजधानी ब्रासीलिया में सरकारी इमारतों पर धावा बोलने के बाद पहला राष्ट्रपति चुनाव है। प्रदर्शनकारियों ने 2022 के चुनाव परिणामों को पलटने का प्रयास किया था, जिसमें लूला ने बोल्सोनारो को मामूली अंतर से हराया था।
गेटुलियो वर्गास फाउंडेशन के अंतरराष्ट्रीय संबंधों के एसोसिएट प्रोफेसर ओलिवर स्टुएनकेल ने कहा कि ब्राजील की कमजोर दलीय व्यवस्था व्यक्तिगत नेतृत्व को बढ़ावा देती है और मौजूदा चुनाव काफी हद तक 2022 के मुकाबले का नया रूप है। उनके अनुसार, कई मतदाता विशिष्ट नीतिगत मुद्दों के बजाय दूसरे पक्ष के प्रति असहमति या भय से प्रेरित हैं।
अस्सी वर्षीय लूला वर्कर्स पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चौथे कार्यकाल के लिए चुनाव मैदान में हैं। वह 2003 से 2011 तक लगातार दो कार्यकाल राष्ट्रपति रह चुके हैं। वर्ष 2018 से 2019 के बीच भ्रष्टाचार और काले धन को वैध करने के आरोपों में जेल में रहने के बाद उन्होंने राजनीति में वापसी की और 2022 में जायर बोल्सोनारो को हराकर राष्ट्रपति बने। अपने तीसरे कार्यकाल में लूला सरकार ने आर्थिक और पर्यावरणीय क्षेत्रों में कुछ सुधारों तथा बहुपक्षीय संगठनों में अधिक सक्रिय भूमिका पर जोर दिया है। उनके चुनावी कार्यक्रम में असमानता कम करने, औद्योगिक विस्तार और सतत विकास को बढ़ावा देने की बात कही गयी है। उन्होंने विदेशी हस्तक्षेप के खिलाफ ब्राजील की संप्रभुता की रक्षा और देश की वैश्विक साझेदारियों के विस्तार पर भी जोर दिया है।
सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के सबसे बड़े पुत्र और कंजरवेटिव लिबरल पार्टी के नेता हैं। वह मुख्य रूप से अपने पिता की नीतियों को आगे बढ़ाने के वादे के साथ चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने अपने पिता और जनवरी 2023 के दंगों में दोषी ठहराये गये अन्य लोगों के लिए माफी या क्षमादान की दिशा में काम करने की बात कही है। सुरक्षा उनके चुनाव अभियान का प्रमुख मुद्दा है। जून में जारी उनके 12 सूत्री सुरक्षा कार्यक्रम में आपराधिक गिरोहों को ‘नार्कोटेररिस्ट’ संगठन घोषित करने और अल सल्वाडोर की तर्ज पर अधिकतम सुरक्षा वाली जेलें बनाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। आर्थिक मोर्चे पर उन्होंने महंगाई कम करने, सरकारी खर्च घटाने, सार्वजनिक ऋण सीमा लागू करने और ब्राजील के महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र को मजबूत करने का वादा किया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, चुनाव का असर ब्राजील की विदेश नीति पर भी पड़ सकता है। अगली सरकार को अमेरिका और चीन के साथ संबंधों के अलावा ग्लोबल साउथ के देशों के साथ अपने रिश्तों को संतुलित करना होगा। दोनों देश ब्राजील के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल हैं। लूला के कार्यकाल में ब्राजील और चीन के संबंधों में विस्तार हुआ है और दोनों देशों ने व्यापार, प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण संरक्षण सहित कई क्षेत्रों में समझौते किये हैं। नवंबर 2024 में दोनों देशों ने अपनी साझेदारी को अधिक व्यापक स्तर पर ले जाने की घोषणा की थी।
इसके विपरीत, फ्लावियो बोल्सोनारो अमेरिका के साथ मजबूत संबंधों के पक्षधर हैं। उनके पिता के कार्यकाल में भी वाशिंगटन के साथ संबंध मजबूत करने पर जोर दिया गया था। फ्लावियो के जीतने की स्थिति में ब्राजील अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ‘शील्ड ऑफ द अमेरिकाज’ क्षेत्रीय सुरक्षा पहल में शामिल होने पर विचार कर सकता है, जबकि लूला ने इसमें शामिल होने से इनकार किया है।
लूला सरकार ने ग्लोबल साउथ के साथ संबंधों और ब्रिक्स जैसे समूहों में सक्रिय भागीदारी के जरिये अधिक बहुध्रुवीय अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। फ्लावियो बोल्सोनारो ने अमेरिका, अर्जेंटीना और इजरायल के साथ द्विपक्षीय संबंधों को प्राथमिकता देने के संकेत दिये हैं और सत्ता में आने पर ब्रिक्स में ब्राजील की सदस्यता की समीक्षा करने की बात कही है। हालिया सर्वेक्षणों में पहले चरण में लूला और फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच करीबी मुकाबला दिख रहा है, हालांकि अलग-अलग सर्वेक्षणों में दोनों के समर्थन का अंतर अलग है। दूसरे चरण के संभावित मुकाबले में भी कई सर्वेक्षण दोनों को सांख्यिकीय रूप से बराबरी के करीब दिखाते हैं।

