
नयी दिल्ली, 03 अक्टूबर (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को ओखला लैंडफिल साइट का निरीक्षण कर कचरा निस्तारण की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। श्रीमती गुप्ता ने अधिकारियों से साइट पर उपलब्ध जमीन, पुराने कचरे के निस्तारण और नयी प्रोसेसिंग सुविधाओं की क्षमता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त करना है और इसके लिए वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है। पिछले करीब डेढ़ वर्षों में ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइटों पर 217.17 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया गया है, जिससे लगभग 100 एकड़ जमीन मुक्त कराई जा चुकी है। नये प्लांट और प्रोसेसिंग सुविधाएं शुरू होने से कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण और निस्तारण की गति को और बढ़ाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केवल लैंडफिल पर जमा पुराने कचरे को हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजाना आने वाले नये कचरे को भी वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करने की व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए। उन्होंने नयी प्रोसेसिंग यूनिटों को जल्द से जल्द पूरी क्षमता के साथ शुरू करने के निर्देश दिये, ताकि लैंडफिल साइट की जमीन का प्रभावी उपयोग हो सके और नए कचरे का पहाड़ बनने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ और बेहतर बनाने के लिए नई प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के साथ वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, वेस्ट-टू-रिसोर्स और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य वर्षों से दिल्ली की पहचान बने कूड़े के पहाड़ों को धीरे-धीरे समाप्त कर राजधानी को स्वच्छ, सुंदर और टिकाऊ बनाना है।
