वॉशिंगटन, 02 अक्टूबर (वार्ता) अमेरिका तथा ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है और ऐसे में अमेरिका पश्चिम एशिया में तीसरा विमानवाहक पोत स्ट्राइक ग्रुप एवं अतिरिक्त समुद्री बल की तैनाती पर विचार कर रहा है जिससे वहां सैनिकों की संख्या में 10,000 तक की और बढ़ोतरी हो सकती है।
इस क्षेत्र में पहले से ही 50,000 से ज़्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
इस योजना के तहत यूएसएस थियोडोर रूज़वेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप, यूएसएस मैकिन आइलैंड एम्फीबियस रेडी ग्रुप और 13वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के जवान तैनात किये जायेंगे। ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा कि ये जहाज़, विमान और सैनिक नवंबर के आखिर तक पहुंच जायेंगे।
रिपोर्टों के मुताबिक रूज़वेल्ट रविवार को सैन डिएगो से रवाना हुआ जबकि माकिन आइलैंड ग्रुप सोमवार को निकला। वे यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश और यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन के साथ शामिल होंगे, जो पहले से ही इस इलाके में तैनात हैं। अगर जॉर्ज वॉशिंगटन जापान में अपने अड्डे पर लौटने के बजाय पश्चिम एशिया में ही रहता है तो रूज़वेल्ट के आने से इस इलाके में यूएस कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की संख्या अप्रैल के बाद पहली बार तीन हो जाएगी। उस महीने हुए एक नाज़ुक युद्धविराम ने 28 फरवरी को शुरू हुई लड़ाई को खत्म किया था।
इस अतिरिक्त तैनाती से इलाके में पहले से ही मौजूद अमेरिकी सेना की शक्ति और बढ़ जायेगी। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 82वीं एयरबोर्न डिवीजन से वायु रक्षा इकाई और जवानों को भी इस इलाके में भेजा है।
यह सैन्य तैनाती ऐसे समय में हो रही है जब संघर्ष को खत्म करने की कोशिशों को लेकर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच मतभेद बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सात दिन के संघर्ष-विराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। इस प्रस्ताव में ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाने और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत फिर से शुरू करने के बदले होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात कही गयी थी। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशित तेल आपूर्ति इसी अहम समुद्री रास्ते से होकर गुज़रती है।
श्री ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर बातचीत नाकाम रहती है, तो मध्यावधि चुनावों के बाद अमेरिका ईरान पर फिर से हमले शुरू कर सकता है। ‘टाइम’ मैगज़ीन को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह और ज़्यादा सैन्य कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं।उन्होंने ‘फ्लाईदुबई’ की एक उड़ान से जुड़ी हालिया घटना के लिए भी जवाबी कार्रवाई की धमकी दी; इज़रायल ने इस घटना को आतंकवादी हमला बताया है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए श्री ट्रंप ने कहा, “उन्हें करारा जवाब दिया जाएगा, चिंता न करें।” उनसे पूछा गया था कि अगर इस घटना के लिए ईरान की ज़िम्मेदारी साबित हो जाती है, तो क्या वह सैन्य कार्रवाई का आदेश देंगे।
