जोधपुर, जोधपुर के एयर फोर्स स्टेशन पर इन दिनों चल रहे बहुराष्ट्रीय वायुसेना युद्ध अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ में भाग ले रहे विदेशी सैन्य अधिकारी भारतीय वायुसेना की कार्यकुशलता और मेहमाननवाज रवैये से बेहद प्रभावित हैं। फ्रांस की वायु रक्षा और वायु संचालन कमान के उप कमांडर, मेजर जनरल जूलियन सबेन ने एक साक्षात्कार के दौरान भारत की विशालता और भारतीय वायुसेना के विमानों की विविधता की सराहना की। उन्होंने कहा कि फ्रांस से 30,000 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करके इस अभ्यास में शामिल होना ‘पेगास 26’ का एक मुख्य आकर्षण रहा है।
भारतीय वायुसेना की व्यवस्था को सराहा, स्वदेशी फाइटर जेट तेजस की उड़ान ने दिलाई मिराज 2000 की याद
पूर्व में फाइटर पायलट के रूप में ‘मिराज 2000’ उड़ा चुके जनरल जूलियन ने बताया कि जब उन्होंने भारत में स्वदेशी लड़ाकू विमान ‘तेजस’ को उड़ाया, तो उन्हें अपने पुराने विमान मिराज की याद आ गई। उन्होंने भारतीय वायुसेना की प्रशासनिक व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि तरंग शक्ति अभ्यास के लिए उनका स्वागत बेहद गर्मजोशी से किया गया और सभी लॉन्च तथा तैयारियां एकदम सही समय पर की गईं, जो भारतीय वायुसेना की अद्भुत पेशेवर क्षमता को दर्शाती हैं।
1952 से चली आ रही है भारत-फ्रांस की सैन्य साझीदारी, राफेल विमानों की सफलता पर भी की चर्चा
जनरल ने भारत और फ्रांस के बीच दशकों पुराने रक्षा संबंधों का जिक्र करते हुए बताया कि भारतीय वायुसेना के पास 1950 के दशक (शुरुआत 1952 में ऑवरगन के साथ) से ही फ्रांसीसी उपकरण मौजूद हैं। वर्तमान समय में दोनों देशों की सेनाएं ‘राफेल’ जैसे आधुनिक विमानों का सफलताપूर्वक संचालन कर रही हैं। इस संयुक्त युद्धाभ्यास के माध्यम से दोनों देशों के पायलटों को एक-दूसरे की रणनीतिक खूबियों को सीखने और आपसी रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करने का बेहतरीन अवसर मिल रहा है।

