भोपाल में अकेले रह रहे एक पिता ने बताया कि बच्चे जब साथ रहते हैं तो रोजमर्रा के कामों से लेकर जरूरत के वक्त मदद तक हर जगह उनका साथ मिलता है। लेकिन बच्चों के बाहर रहने पर अचानक तबीयत खराब होने या रात में किसी मदद की जरूरत पड़ने पर खुद ही व्यवस्था करनी पड़ती है। पड़ोसी और रिश्तेदार ऐसे समय में सहारा बनते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए घर की सुरक्षा को लेकर चिंता रहती है और केयरटेकर रखते समय भी सावधानी जरूरी है।
