कमर्जी ( सीधी )जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित कमर्जी के वार्ड क्रमांक 9, 10 ग्राम कमर्जी कोतर में सड़क न होने से बीमार एवं लाचार युवक को एक किलोमीटर का सफर स्ट्रेचर खटोले से करने की मजबूरी दिखी।दरअसल कमर्जी कोतर निवासी विकास कुमार पटेल पिता सुरेश कुमार पटेल उम्र 26 वर्ष कोरबा में मजदूरी कार्य करते थे। वहां एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल हो गये। उपचार के पश्चात जब उन्हें डिस्चार्ज किया गया तो परिजन गांव लेकर पहुंचे।
मुख्य मार्ग से ग्राम कोतर कमर्जी के लिये सड़क न होने से लोगों ने स्ट्रेचर खटोले में बीमार एवं लाचार युवक को लेटाकर खेतों के बीच से किसी तरह घर पहुंचाया। चर्चा के दौरान स्थानीय लोगों ने कहा कि आजादी के 79 वर्ष बाद भी उनके गांव तक सड़क नही बन सकी। ऐसे में मरीज एवं प्रसूता महिलाओं कोलेने क लिये गांव तक एम्बुलेंश तक नहीं जा सकती। मजबूरी में लोग खटोला में भी बीमारों एवं प्रसूता महिलाओं को लेकर मुख्य सड़कतक आते हैं। विष्णुबहादर पटेल ने कहा कि हम लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। मेरे भतीजे का कोरबा में एक्सीडेंट हो गया था। अस्पताल से मुख्य सड़क तक एम्बुलेंश से आये।
