इंदौर: संदीप उर्फ बंटी नागर की मौत को लेकर पुलिस के सामने अभी सबसे बड़ा सवाल यही है कि घटना से पहले ऑफिस में आखिर क्या हुआ था. उपलब्ध साक्ष्य कुछ कड़ियां जरूर सामने ला रहे हैं, लेकिन इनमें से कोई भी कड़ी अभी पूरी कहानी तक नहीं पहुंचती. फंदे में इस्तेमाल साड़ी, ऑफिस के कैमरों की रिकॉर्डिंग, लॉक मोबाइल और कारोबारी दस्तावेज पुलिस की जांच इन चारों दिशाओं में आगे बढ़ रही है.
सबसे पहले साड़ी का सवाल, बंटी जिस साड़ी से फंदे पर मिले, पुलिस ने उसे जब्त किया है. परिवार से उसकी पहचान कराने का प्रयास भी हुआ, लेकिन पत्नी ने साड़ी को पहचानने से इनकार कर दिया. दूसरी तरफ सीसीटीवी में बंटी दोपहर करीब सवा बजे ऑफिस में दाखिल होते दिखाई देते हैं तो हाथ में मोबाइल नजर आता है, साड़ी नहीं. अब पुलिस यह जोड़ने की कोशिश कर रही है कि साड़ी ऑफिस में पहले से थी या बाद में वहां पहुंची.
कैमरे चल रहे थे, फिर रिकॉर्डिंग कहां गई?…
चौथी मंजिल पर बंटी के दो ऑफिस थे और दोनों जगह सीसीटीवी लगे थे. जिस केबिन में घटना हुई, वहां कैमरे चालू मिले, लेकिन उसकी रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं है. उस डीवीआर में हार्डडिस्क नहीं मिली. दूसरे ऑफिस के डीवीआर में हार्डडिस्क मौजूद है, लेकिन वह पासवर्ड से सुरक्षित है. यानी घटना के समय की पूरी तस्वीर कैमरों से मिल सकती थी, लेकिन फिलहाल दोनों रास्तों पर अड़चन है. पुलिस ने दूसरे डीवीआर को जब्त कर लिया है और पासवर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है.
मोबाइल में आखिरी बातचीत किससे?
बंटी के मोबाइल में पैटर्न लॉक लगा है, पुलिस कई बार प्रयास कर चुकी है, लेकिन फोन नहीं खुला. परिवार को भी पैटर्न की जानकारी नहीं है. अब मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी है. फोन खुलने पर कॉल, संदेश, फोटो और अन्य डिजिटल जानकारी से यह पता चल सकता है कि घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थे और आखिरी बातचीत किससे हुई थी.
चौथी कड़ी ऑफिस की फाइलों में
पुलिस ने ऑफिस से मिले दस्तावेज और लैपटॉप भी जांच के दायरे में लिए हैं. बंटी के रियल एस्टेट कारोबार में डायरी के जरिए लेन-देन और अलग अलग प्रोजेक्ट में साझेदारी की जानकारी सामने आई है. पुलिस आर्थिक दबाव, प्रॉपर्टी विवाद और कारोबार से जुड़े लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है. एक महिला कारोबारी से जुड़े लेन-देन की जानकारी भी जांच में शामिल है. हालांकि इनमें से किसी पहलू को अभी आत्महत्या की वजह नहीं माना गया है.
शाम तक ऑफिस में क्या हुआ, यही सबसे अहम सवाल
बंटी दोपहर में ऑफिस पहुंचे और शाम करीब 6 बजे बेटे ने उन्हें अंदर देखा. इन घंटों के बीच ऑफिस में कौन आया, किससे मुलाकात हुई, कौन फोन पर संपर्क में रहा और क्या कोई ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसे परिवार नहीं जानता इन सवालों के जवाब अभी बाकी हैं. सीसीटीवी और मोबाइल की जांच पूरी होने के बाद ही इस समय-खंड की तस्वीर साफ हो सकेगी.
फिलहाल जांच में चार अहम कड़ियां सामने हैं, लेकिन चारों के बीच जोड़ने वाली सबसे महत्वपूर्ण कड़ी अभी गायब है. पुलिस के सामने चुनौती यही है कि साड़ी, कैमरे, मोबाइल और कारोबारी रिकॉर्ड में से कौन सा साक्ष्य बंटी की मौत से पहले के आखिरी घंटों की पूरी कहानी बताता है
