
नई दिल्ली,विपक्षी इंडिया समूह की बैठक में कई महत्वपूर्ण घटक दलों के नेता अनुपस्थित रह सकते हैं.सूत्रों की मानें तो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और वोटर लिस्ट के एसआईआर के मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा बुलाई गई इंडिया गठबंधन की बैठक में सपा प्रमुख अखिलेश यादव अनुपस्थित रह सकते हैं. सूत्र बता रहे हैं कि अखिलेश ने आगामी राज्यसभा चुनावों की व्यस्तताओं और तैयारियों का हवाला देकर बैठक में आने में असमर्थता जताई है. लेकिन गठबंधन में निरंतरता बनाए रखने के लिए वे बैठक में अपनी पार्टी के प्रतिनिधि को भेजेंगे. इसके अलावा शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट के शीर्ष नेता उद्धव ठाकरे भी बैठक में सीधे तौर पर उपस्थित नहीं रहेंगे. हालांकि वे व्यक्तिगत तौर पर दिल्ली न आकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस बैठक की चर्चाओं में शामिल हो सकते हैं. हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उक्त दोनों नेताओं से सदेह उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बात कर रहे हैं.
इस बैठक की गंभीरता को देखते हुए इंडिया गठबंधन से बाहर हो चुके डीएमके को भी इस बैठक के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया गया था. लेकिन पार्टी ने इससे पूरी तरह दूरी बना ली है और उनका कोई भी प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हो रहा है. इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने भी इस बैठक से दूर रहने का फैसला किया है. माना जा रहा है कि पंजाब में आगामी चुनावी समीकरणों के चलते किसी भी तरह के गलत राजनीतिक संदेश से बचने के लिए आप ने बैठक से दूरी बनाई है. सूत्रों की मानें तो डीएमके और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने यह स्पष्ट किया है कि वे संसद के भीतर विपक्षी दलों का साथ देने की रणनीति पर परिस्थितियों को देखते हुए कर सकते हैं. कहा जा रहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव स्वीकार होने के बाद यदि सभी विपक्षी दलों में आम सहमति बनती है तब मतदान के समय उक्त दोनों दल समर्थन दे सकते हैं .
