होलकर कॉलेज में हंगामा, करणी सेना ने किया चक्काजाम

इंदौर:होलकर साइंस कॉलेज में छात्रों के बीच हुई मारपीट के बाद शुरू हुआ विवाद सोमवार को एक बार फिर गरमा गया. कॉलेज प्रबंधन द्वारा 7 छात्रों को निलंबित किए जाने के विरोध में करणी सेना के कार्यकर्ता कॉलेज परिसर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे. देखते ही देखते प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के सामने चक्काजाम कर दिया. करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित रहा. पुलिस के आश्वासन के बाद चक्काजाम समाप्त कराया जा सका.

दरअसल, गणेश विसर्जन के दिन होलकर साइंस कॉलेज में एबीवीपी और करणी सेना से जुड़े छात्रों के बीच विवाद हो गया था. देखते ही देखते दोनों गुटों में जमकर मारपीट शुरू हो गई. इस घटना में दो छात्रों को गंभीर चोटें आई थीं. मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए 7 छात्रों को निलंबित कर दिया. वहीं, 9 छात्रों के खिलाफ भंवरकुआ थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई.

निलंबन और एफआईआर वापस लेने की मांग
कॉलेज प्रबंधन की कार्रवाई के विरोध में सोमवार को करणी सेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे. प्रदर्शन की सूचना मिलते ही कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. प्रदर्शनकारियों ने निलंबित छात्रों का पक्ष लेते हुए उनका निलंबन और दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग क. करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह गौतम ने कहा कि छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई एकतरफा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कॉलेज प्रबंधन से निलंबन वापस लेने और छात्रों पर दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करने की मांग की.

प्राचार्या ने कहा- अनुशासन समिति के निर्णय में बाहरी हस्तक्षेप मंजूर नहीं
वहीं, प्रदर्शन को लेकर होलकर साइंस कॉलेज की प्राचार्या मेजर डॉ. अनामिका जैन ने स्पष्ट कहा कि मारपीट की घटना में दोषी पाए गए छात्रों के खिलाफ कार्रवाई कॉलेज की अनुशासन समिति ने की है. उन्होंने कहा कि कॉलेज की आंतरिक व्यवस्था और अनुशासन से जुड़े निर्णय में किसी बाहरी संगठन का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा. प्राचार्या ने बताया कि निलंबन आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि दोषी छात्रों को निर्धारित अवधि तक कॉलेज से निलंबित रखा जाएगा और इस दौरान उनके कॉलेज परिसर में प्रवेश पर रोक रहेगी. उन्होंने यह भी कहा कि यदि छात्रों के आचरण में सुधार नहीं आता है तो भविष्य में उनके खिलाफ रेस्टीकेशन जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है.

चर्चा विफल, प्राचार्या के सामने ज्ञापन फाड़ा
प्रदर्शन के दौरान कॉलेज प्रबंधन और पुलिस प्रशासन ने करणी सेना के पदाधिकारियों से चर्चा कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही. बताया जा रहा है कि करणी सेना के पदाधिकारियों ने प्राचार्या मेजर डॉ. अनामिका जैन के सामने ही ज्ञापन फाड़कर फेंक दिया। इस घटनाक्रम से नाराज प्राचार्या वहां से अपने कक्ष की ओर चली गईं. इसके बाद प्रदर्शनकारी कॉलेज के मुख्य द्वार के बाहर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया. अचानक हुए चक्काजाम से सड़क पर वाहनों की कतार लग गई। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब एक घंटे बाद करणी सेना ने चक्काजाम समाप्त किया.

बाद में प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
चक्काजाम समाप्त होने के बाद करणी सेना का एक प्रतिनिधिमंडल कॉलेज प्राचार्या से मिलने पहुंचा. प्रतिनिधिमंडल ने निलंबित छात्रों का निलंबन वापस लेने और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर पुनर्विचार करने की मांग रखी। हालांकि कॉलेज प्रबंधन ने फिलहाल अनुशासन समिति के निर्णय में बदलाव से इनकार किया है. कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई किसी संगठन या दबाव के आधार पर नहीं, बल्कि मारपीट की घटना और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की गई है. वहीं, करणी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों का निलंबन वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा. फिलहाल पुलिस प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है

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