
सीधी। पितृ पक्ष के दौरान सोमवार शाम सीधी शहर में उस समय कौतूहल का माहौल बन गया, जब कलेक्ट्रेट परिसर और शास्त्री नगर क्षेत्र में अचानक बड़ी संख्या में कौओं का जमावड़ा देखने को मिला। हजारों की संख्या में कौए आसमान में मंडराते नजर आए, वहीं कलेक्ट्रेट भवन सहित आसपास के मकानों की छतों और पेड़ों पर भी बड़ी संख्या में कौए बैठे दिखाई दिए। कलेक्ट्रेट के सामने स्थित वृक्षों पर तो कौओं की संख्या इतनी अधिक थी कि दूर से पूरा पेड़ ही कौओं से ढका हुआ नजर आ रहा था।
शाम के समय अचानक इतनी बड़ी संख्या में कौओं को एक साथ देखकर वहां से गुजर रहे लोग भी कुछ देर के लिए रुक गए और इस अनोखे नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। सामान्य दिनों में शहर में इक्का-दुक्का नजर आने वाले कौओं का इस तरह बड़ी संख्या में एकत्र होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। कलेक्ट्रेट परिसर में कौओं की भारी मौजूदगी को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं भी होती रहीं। कुछ लोग चुटकी लेते हुए कहते नजर आए कि शायद कौए भी अपनी मांगें लेकर जिले के शीर्ष अधिकारियों के दरबार में पहुंचे हैं। वहीं धार्मिक मान्यताओं से जुड़े लोगों ने पितृ पक्ष में कौओं के इस तरह एकत्र होने को पितरों के आगमन और आशीर्वाद से जोड़कर देखा।
धार्मिक मान्यता से जुड़ा है कौओं का महत्व-
पितृ पक्ष में हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार कौओं को पितरों का प्रतीक माना जाता है। श्राद्ध एवं तर्पण के दौरान कौओं को भोजन कराने की परंपरा है। मान्यता है कि कौए के रूप में पितरों को भोजन अर्पित किया जाता है। यही वजह है कि पितृ पक्ष के दौरान कौओं के दिखाई देने को लोग विशेष धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देखते हैं। हालांकि बड़ी संख्या में कौओं के एक साथ एकत्र होने के पीछे प्राकृतिक और पर्यावरणीय कारण भी हो सकते हैं, लेकिन पितृ पक्ष के दौरान कलेक्ट्रेट और शास्त्री नगर में दिखाई दिया यह नजारा शहरवासियों के लिए कौतूहल और चर्चा का विषय जरूर बना रहा।
