
ग्वालियर। भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंध संस्थान में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और व्यावहारिक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘दिशा 2026’ का उत्साहपूर्ण आगाज़ हुआ। कार्यक्रम के पहले चरण में ब्रेनस्टॉर्मिंग, पॉट पेंटिंग और इटिनरेरी प्रिपरेशन (यात्रा कार्यक्रम निर्माण) जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने तार्किक क्षमता और त्वरित सोच का परिचय देते हुए नवीन विचार प्रस्तुत किए। छात्रों ने साधारण मटकों पर अपनी कलात्मक कल्पनाशीलता और लोक कला की सुंदर छाप छोड़ी। प्रतिभागियों ने व्यवस्थित, आकर्षक और व्यावहारिक पर्यटन योजनाएं तैयार कर अपनी प्रबंधन क्षमता का प्रदर्शन किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. प्रशांत के. गौतम ने कहा कि पर्यटन शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है; व्यावहारिक अनुभव और रचनात्मक सोच इसके महत्वपूर्ण अंग हैं। इस अवसर पर नोडल अधिकारी डॉ. सौरभ दीक्षित, डॉ. चंद्र शेखर बरुआ और सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. कमाक्षी महेश्वरी ने विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और व्यावसायिक कौशल का विकास करते हैं।
