भोपाल। मास्टर प्लान 2047 में चंदनपुरा-मेंडोरा के संरक्षित वन क्षेत्र के बीच 60 मीटर चौड़ी सड़क का प्रस्ताव सामने आया है। इसी क्षेत्र में पिछले मास्टर प्लान के दौरान सड़क और ग्रीन बेल्ट को लेकर करीब 1500 आपत्तियां दर्ज हुई थीं।
2025 के एनजीटी आदेश में चंदनपुरा को महत्वपूर्ण वन क्षेत्र बताया गया था। वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार यहां वन्यजीवों की निगरानी होती है और बाघ की आवाजाही भी दर्ज की गई है। वहीं, चंदनपुरा और मेंडोरा की 357.780 हेक्टेयर जमीन को 2021 में संरक्षित वन घोषित किया गया था।
अब नए मास्टर प्लान में 60 मीटर सड़क के प्रस्ताव ने वन क्षेत्र, वन्यजीवों और पर्यावरण पर संभावित असर को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्य सवाल यही है कि 2047 में भोपाल के विस्तार के साथ विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कैसे बनाया जाएगा।
