भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने छिंदवाड़ा में कथित जहरीले कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत के मामले में सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने विभागीय जांच लंबित रहने के दौरान तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर गौरव शर्मा की बहाली और गुना में पदस्थापना पर भी सवाल उठाए हैं।
पटवारी ने कहा कि रिपोर्टों के अनुसार मृत बच्चों में कई पांच वर्ष से कम आयु के थे। उन्हें कोल्ड्रिफ कफ सिरप दिए जाने के बाद गंभीर किडनी क्षति और मल्टी-ऑर्गन फेल्योर की शिकायत सामने आई। उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सिरप के नमूनों में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) की मात्रा 48.6 प्रतिशत पाई गई, जबकि कथित अनुमेय सीमा 0.1 प्रतिशत थी।
उन्होंने सवाल किया कि यह सिरप कई महीनों तक बाजार में कैसे उपलब्ध रहा और संबंधित ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा वैधानिक नमूना जांच के लिए क्यों नहीं भेजा गया।
पटवारी ने 23 सितंबर के उस आदेश पर भी सवाल उठाया, जिसके तहत तत्कालीन छिंदवाड़ा ड्रग इंस्पेक्टर गौरव शर्मा को बहाल कर गुना पदस्थ किया गया। उनके अनुसार शर्मा को अक्टूबर 2025 में निलंबित किया गया था और फरवरी 2026 में आरोप-पत्र देकर विभागीय जांच शुरू की गई थी, जिसकी रिपोर्ट अभी लंबित बताई जा रही है।
उन्होंने घटना के बाद अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई, निलंबन और तबादलों के परिणाम सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही कोडीन आधारित कफ सिरप के कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क, ड्रग इंस्पेक्टरों के रिक्त पदों, प्रयोगशाला क्षमता और नियामकीय निगरानी पर भी सवाल उठाए।
पटवारी ने कहा कि बच्चों की मौत केवल सरकारी फाइल बनकर नहीं रहनी चाहिए। प्रभावित परिवारों को न्याय और स्पष्ट जवाबदेही मिलनी चाहिए।
