नई दिल्ली, देश के कई हिस्सों में मानसून की विदाई से पहले मौसम ने एक बार फिर करवट ली है, जिससे सर्दी की आहट के साथ ही कई राज्यों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने एक गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के कारण उत्तर भारत के कई इलाकों में मौसम पूरी तरह बदल गया है। राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में अगले तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और सुहावना माहौल बन गया है।
उत्तराखंड में भारी बारिश और बादल फटने का रेड अलर्ट, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत में भी बाढ़ का खतरा
मौसम विभाग ने पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में आज और कल के लिए भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है, जहां भूस्खलन, मडस्लाइड और बादल फटने की आशंका के चलते लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे बरेली, मुरादाबाद, लखीमपुर खीरी और गोरखपुर में भी मूसलाधार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
कृषि और फसलों को नुकसान से बचाने के लिए किसानों को विशेष सलाह, पूर्वी भारत में भी कम होगी बारिश की तीव्रता
इस बेमौसम और तेज बारिश से धान, कपास, दालों और विभिन्न प्रकार की सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है, जिसे लेकर कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों से जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने की सलाह दी है। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले एक-दो दिनों के भीतर बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे पूर्वी राज्यों में बारिश की गतिविधियों में कमी आनी शुरू हो जाएगी। कुल मिलाकर, मौसम का यह बदला हुआ रूप मध्य भारत से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक विशेष निगरानी की मांग कर रहा है।

