न्यूयॉर्क, 23 सितंबर (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम के साथ अपनी पहली आमने-सामने की मुलाकात के बाद उनकी तारीफ की, लेकिन चागोस द्वीप समूह को लेकर ब्रिटेन और मॉरीशस के बीच हुए समझौते पर कड़ी आपत्ति जताई।
दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर न्यूयॉर्क में मुलाकात की। करीब 30 मिनट के लिए निर्धारित यह बैठक 40 मिनट से अधिक चली। बैठक के बाद श्री ट्रंप ने ब्रिटेन के नये प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए उन्हें “स्वाभाविक कारोबारी” बताया और कहा कि दोनों देशों के संबंध “आपके पिछले प्रधानमंत्री के समय से बेहतर” हैं।
श्री बर्नहम ने जुलाई में कीर स्टार्मर की जगह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का पद संभाला था। इससे पहले वह मैनचेस्टर के मेयर थे। उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद ट्रंप के साथ यह पहली प्रत्यक्ष मुलाकात थी।
बैठक के बाद दोनों नेताओं ने बातचीत को सकारात्मक बताया। श्री ट्रंप ने कहा कि आमने-सामने मिलने से पहले भी दोनों नेताओं के बीच कई बार फोन पर बातचीत हो चुकी है। श्री बर्नहम ने बैठक को “बहुत उत्साहजनक” बताते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने जीवन-यापन की बढ़ती लागत, पश्चिम एशिया में संघर्ष और अपनी अर्थव्यवस्थाओं के औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर समान विचार साझा किए।
हालांकि, चागोस द्वीप समूह को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद स्पष्ट रूप से सामने आए। ब्रिटेन ने चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने और डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे के लिए 99 वर्ष का पट्टा बनाए रखने की योजना बनाई है। ट्रंप प्रशासन द्वारा इस समझौते का समर्थन वापस लिए जाने के बाद से यह मामला लंबित है।
श्री ट्रंप ने समझौते को “बहुत खराब समझौता” बताते हुए कहा कि यह रणनीतिक और सैन्य दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि श्री बर्नहम इस समझौते पर फिर से विचार करेंगे।
श्री बर्नहम ने इस समझौते को लेकर टकराव से बचते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि ब्रिटेन अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर कोई रास्ता निकाल सकता है। उन्होंने हालांकि माना कि दोनों पक्षों को अभी किसी साझा सहमति तक पहुंचना बाकी है।
