नयी दिल्ली, 23 सितंबर (वार्ता) चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूचियों की विशेष गहन समीक्षा (एसआईआर) से संबंधित आयोग के सभी निर्णय पूरे तालमेल और सर्वसम्मति से लिये गये हैं। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपना नाम जाहिर न किए जाने की शर्त पर यूनीवार्ता से कहा,”चुनाव आयोग के सभी फ़ैसले, जिनमें ‘एसआईआर’ के फैसलेभी शामिल हैं, सर्वसम्मति से और दोनों चुनाव आयुक्तों तथा मुख्य चुनाव आयुक्त की मंज़ूरी से लिये गए हैं।” अधिकारी ने मीडिया के कुछ हलकों में प्रकाशित ऐसी रिपोर्ट को निराधार बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर के बारे में कई ऐसे फैसले लागू किए जिनमें आयोग के दो अन्य सदस्यों की सहमति नहीं थी।
अधिकारी ने कहा कि राज्यों की मतदाता सूचियों की गहन समीक्षा दो दशक से भी अधिक पहले की गई थी। इस प्रकार की विशेष गहन समीक्षाएं पहले भी होती रही है । इस बार तकनीकी के प्रयोग से यह प्रक्रिया अधिक , ठोस, आसान और व्यापक हुई है जिसमें अब तक विभिन्न राज्यों में जनता ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। अधिकारी ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को ठीक करना है, किसी पात्र नागरिक का नाम काटना नहीं है। आयोग की कवायद रहती है कि मतदाता सूची में किसी पात्र व्यक्ति का नाम न छूटे।

