
जबलपुर। दतिया से कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के निर्वाचन को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। भाजपा नेता अधिवक्ता दीपक बेलपत्री ने अधिवक्ता शिवम गौतम के माध्यम से याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि जुलाई 2026 में हुए दतिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान दाखिल चुनावी शपथ पत्र में वर्ष 1991 में दर्ज एक आपराधिक प्रकरण की जानकारी का उल्लेख नहीं किया गया। याचिका के मुताबिक वर्ष 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद दतिया में हुए विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम के दौरान विभिन्न स्थानों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। दावा है कि इस प्रकरण में करीब 22 लोगों के नाम शामिल थे और इनमें घनश्याम सिंह का नाम भी था। याचिकाकर्ता ने इसी प्रकरण का चुनावी शपथ पत्र में उल्लेख नहीं किए जाने को निर्वाचन से जुड़ा महत्वपूर्ण तथ्य बताया है।
उपलब्ध चुनावी रिकार्ड के अनुसार घनश्याम सिंह ने उपचुनाव के शपथ पत्र में दो लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी घोषित की थी। इनमें कोतवाली दतिया से संबंधित प्रकरण शामिल हैं। दतिया सीट पर 30 जुलाई को मतदान हुआ था और तीन अगस्त को परिणाम घोषित हुआ। घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से पराजित किया था। फिलहाल, याचिका दायर होने मात्र से विधायक की सदस्यता समाप्त नहीं हुई है। 1991 के कथित प्रकरण का शपथ पत्र में उल्लेख किया जाना आवश्यक था या नहीं तथा इसका निर्वाचन की वैधता पर क्या प्रभाव पड़ता है, यह न्यायालय में सुनवाई और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में तय होगा। याचिका पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है।
