
ओंकारेश्वर। तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में मंगलवार को डोल ग्यारस का पावन पर्व धूमधाम से मनाया गया।
डोल ग्यारस को जल झूलनी एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता के अनुसार भगवान कृष्ण के जन्म के पश्चात माता यशोदा जल पूजने जाती हैं। इसी परंपरा के तहत भगवान कृष्ण का डोला राजमहल से निकला।
डोला ज्योतिर्लिंग मंदिर, कोटी तीर्थ घाट पर नर्मदा जी में नौका विहार के पश्चात ओंकार घाट से मुख्य मार्ग होते हुए वापस राजमहल पहुंचा।
मार्ग में जगह-जगह महिलाओं ने यशोदा मैया की गोद भरी। ककड़ी, केले, गेहूं और अनाज से भेंट चढ़ाकर आरती की।
