इंदौर. 121 ग्राम एमडी ड्रग्स की तस्करी के मामले में क्राइम ब्रांच ने करीब पांच महीने बाद कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आए बैकवर्ड लिंक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हुई इस गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ड्रग्स की मूल सप्लाई और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है.
15 अप्रैल को क्राइम ब्रांच की टीम ने टिगरिया बादशाह रोड पर टीसीएस चौराहे से पहले घेराबंदी कर मंदसौर के नाहरगढ़ में रहने वाले शैलेन्द्र चौहान को पकड़ा था. उसके पास से 121 ग्राम एमडी ड्रग्स मिली थी, जिसकी कीमत करीब 12 लाख रुपए आंकी गई थी.
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने शैलेन्द्र से ड्रग्स मिलने के रास्ते और उससे जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ की. रिमांड के दौरान हुई पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में नाहरगढ़ निवासी चेतन राठौर की भूमिका सामने आई. शैलेन्द्र ने एमडी ड्रग्स चेतन के माध्यम से मिलने की जानकारी दी थी. इसके बाद टीम ने उसकी तलाश शुरू की और उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया. मामले में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में कार्रवाई बढ़ाई गई है. डीसीपी क्राईम राजेश त्रिपाठी ने बताया कि पुराने प्रकरण की जांच के दौरान सामने आए इनपुट और तकनीकी जानकारी के आधार पर दूसरे आरोपी तक पहुंचा है. उससे ड्रग्स की सप्लाई चेन और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को मादक पदार्थ किस स्रोत से मिला और इस नेटवर्क में उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हैं.
खेती करता है, पहले से पांच मामले दर्ज…
चेतन 10 वीं तक पढ़ा है और खेती किसानी करता है. उसके खिलाफ नाहरगढ़ थाने में वर्ष 2016, 2021 और 2025 में पांच प्रकरण दर्ज हैं. इनमें मारपीट, गाली-गलौज और धमकी जैसे आरोपों से जुड़े मामले शामिल हैं. अब जांच का फोकस एमडी ड्रग्स की सप्लाई के अगले और पिछले लिंक पर है.
