
छिंदवाड़ा / सिंगोड़ी। क्षेत्र के नवोदय विद्यालय के पीछे स्थित कुआंनुमा खंती में गिरे दो हिरण के शावकों का रविवार को ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू किया गया था, लेकिन इलाज के दौरान सोमवार को दोनों की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक किसान के खेत के पास खंती में गिरे शावकों को देखा गया था, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों एवं ने वन विभाग को सूचना दी। काफी समय बाद पहुंचे वन अमले की मौजूदगी में ग्रामीणों की सहायता से दोनों शावकों को बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के बाद उन्हें उपचार के लिए अमरवाड़ा स्थित पशु चिकित्सालय भेजा गया था, जहां सोमवार को उनकी मृत्यु हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि वन विभाग द्वारा सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जाती और रेस्क्यू का तरीका बेहतर अपनाया जाता तो संभवत: शावकों की जान बचाई जा सकती थी। गौरतलब है कि सिंगोड़ी क्षेत्र के विभिन्न बीटों में जंगली जानवरों की संख्या अधिक है, लेकिन उनके संरक्षण और सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ऐसे में सिंगोड़ी डिप्टी रेंज में वन्यजीवों की सुरक्षा हेतु प्रभावी रणनीति बनाए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
इनका कहना है
उन दोनो हिरण के शावकों को इलाज हेतु अमरवाड़ा लगाया गया था, मगर उनकी आज मृत्यु हो गई। आगे विभागीय स्तर पर कार्यवाइ की जाएगी।
ललित पाटीदार
प्रभारी रेंजर एवं ट्रेनी एसडीओ वन अमरवाड़ा
