इंदौर:कनाड़िया क्षेत्र में पेड़ पर फंदे से मिले व्यक्ति के शव की जांच में आत्महत्या की वजह कर्ज और कथित सूदखोरी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक मृतक ने दो लाख रुपए उधार लिए थे, लेकिन इसके बदले उससे साढ़े छह लाख रुपए मांगे जा रहे थे. रकम नहीं चुकाने पर मकान के दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर बेदखल करने की धमकी भी दी जा रही थी. जांच के बाद पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है.
14 सितंबर को टीपीएस 05 की रोड नंबर 53 पर नागपुर हाईवे के पास पेड़ से एक व्यक्ति का शव लटका मिला था. उसकी पहचान गणगौर नगर के नाथ मोहल्ला निवासी जितेंद्र चाकरे उम्र 40 साल के रूप में हुई. शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला माना, लेकिन मृतक की जेब से मिली पर्चियों ने जांच की दिशा बदल दी. पुलिस ने इसके बाद मृतक की पत्नी संगीता सहित अन्य लोगों के बयान लिए. जांच में सामने आया कि जितेंद्र ने मित्र बंधु नगर निवासी गंगाराम यादव और उसके बेटे यश से दो लाख रुपए लिए थे. आरोप है कि इसके बाद ब्याज की रकम बढ़ती गई और दोनों उससे साढ़े छह लाख रुपए मांगने लगे.
रकम नहीं देने पर मकान के दस्तावेज अपने पास रखकर घर खाली कराने और कब्जा करने का दबाव बनाया जा रहा था. परिजनों और गवाहों के बयानों के साथ पुलिस ने बरामद पर्चियों और अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया. इसके आधार पर कनाड़िया पुलिस ने गंगाराम यादव और उसके बेटे यश के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अवैध साहूकारी के मामले में केस दर्ज किया है. दोनों की तलाश की जा रही है. कनाड़िया थाना प्रभारी सहर्ष यादव ने बताया कि मृतक की जेब से मिली पर्चियों और परिजनों सहित अन्य गवाहों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई. जांच में कर्ज की रकम को लेकर मृतक पर दबाव बनाए जाने की जानकारी सामने आई है. उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पिता-पुत्र के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है.
