नोएडा, (वार्ता) उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में रविवार को आयोजित प्रेरणा विमर्श कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नारी शक्ति और युवा शक्ति का स्वावलंबन ही प्रदेश और देश के स्वावलंबन का आधार बनेगा।
श्री योगी ने युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और स्टार्टअप से जोड़ने तथा महिलाओं को समान अवसर और सम्मान देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री आज गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के इंडोर स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय ‘उत्कर्ष नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान एवं प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा ‘केशव संवाद’ और ‘प्रेरणा विचार’ पत्रिकाओं के 2026-27 के अंकों का विमोचन किया।
उन्होने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव सम्मान और गरिमा का स्थान मिला है। गार्गी, मैत्रेयी, मीराबाई, अहिल्याबाई होलकर, रानी दुर्गावती और महारानी लक्ष्मीबाई जैसी महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता का परिचय दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई और ऊदा देवी पासी के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियन गठित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, कौशल विकास और विवाह तक सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 54 हजार बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखियां कार्य कर रही हैं। महिला पुलिस बल की संख्या में भी वृद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 2017 में जहां प्रदेश पुलिस में करीब 10 हजार महिला कर्मी थीं, वहीं अब यह संख्या 44 हजार हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं। उनके अनुसार, पिछले साढ़े नौ वर्षों में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई। प्रदेश की 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में करीब सवा तीन करोड़ युवा कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की ग्राउंड ब्रेकिंग कराई जा चुकी है।
श्री योगी ने स्टार्टअप क्षेत्र की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में 120 से कम स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। इनमें लगभग आधे स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं। उन्होंने शिक्षा, स्किलिंग, रोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को युवा विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।
श्री योगी ने कहा कि विकास की प्रक्रिया को भारतीय सांस्कृतिक विरासत और आदर्शों से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने श्रीराम, श्रीकृष्ण और भगवान बुद्ध के संदेशों का उल्लेख करते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने राम प्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोबिंद सिंह सहित विभिन्न राष्ट्रनायकों के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने कहा कि किसी भी समाज के लिए अपने अतीत, वर्तमान की चुनौतियों और भविष्य के सपनों को समझना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति, परंपराओं और इतिहास से जुड़ने का आह्वान किया।
संसद टीवी के संपादक श्याम किशोर ने कहा कि सार्थक संवाद के माध्यम से विचारों और सत्य का बोध संभव है। उन्होंने प्रेरणा विमर्श की वर्ष 2020 से जारी यात्रा और इसके तहत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रकाशित पुस्तकों तथा पत्रिकाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, प्रेरणा विमर्श के कार्यकारी अध्यक्ष वीके गुप्ता, अध्यक्ष अनिल त्यागी, डॉ. मनमोहन सिंह सिसोदिया, प्रेरणा शोध संस्थान न्यास नोएडा की अध्यक्ष प्रीति दादू, सचिव मोनिका चौहान सहित संस्थान के पदाधिकारी, स्वयंसेवक, जनप्रतिनिधि तथा प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
