एफ एस डब्ल्यू – चलित खाद्य प्रयोगशाला ने विद्यार्थियों को मिलावट की पहचान और स्वस्थ खान-पान के प्रति किया जागरूक किया।

मक्सी -नियंत्रक, खाद्य, औषधि प्रशासन, मध्यप्रदेश भोपाल एवं कलेक्टर रिजु बाफना के निर्देश एवं जिला अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा प्रशासन, शाजापुर के मार्गदर्शन में जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी है। इसी क्रम में उज्जैन से प्राप्त एफ एस एस ए आई फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स -चलित खाद्य प्रयोगशाला द्वारा 17 सितंबर 2026 को पीएम श्री शासकीय विद्यालय मक्सी में दैनिक खान पान की सामग्री में होने वाले अपमिश्रण तथा स्वास्थ्य के लिए सेहतमंद खाद्य सामग्री के सेवन को प्रोत्साहित करना एवं तंबाकू उत्पाद, फास्ट फूड, शेतलपेय, आर्टिफिशियल फ्लेवर, कलर, एसेंस जैसे अनहेल्दी फूड के प्रति बढ़ते आकर्षण से सचेत रहने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा टीम एवं केमिस्ट द्वारा विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ को दूध एवं दूध उत्पाद, खाद्य तेल, घी, वनस्पति, मसालों और मिठाइयों में होने वाली मिलावट तथा उसकी प्राथमिक पहचान के संबंध में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को मसालों में अखाद्य रंगों की पहचान की मौके पर जांच कर समझाया गया तथा बताया गया कि कुछ प्राथमिक जांच घर पर भी सावधानीपूर्वक की जा सकती हैं। मिठाइयों,पनीर, मावा, घी में स्टार्च की उपस्थिति की जांच के लिए आयोडीन की सहायता से होने वाली जांच का प्रदर्शन भी किया गया। स्टार्च की उपस्थिति में आयोडीन के संपर्क से गहरा नीला रंग दिखाई देने की जानकारी दी गई।
मां नर्मदा बचत एवं साख समूह मक्सी द्वारा प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूल के बच्चों को वितरित किए जाने वाले मध्यान्ह भोजन कड़ी एवं चावल के सैंपल लिये जिन्हें जांच के लिए भोपाल लैब भेजे जा रहे है। समूह संचालक को स्वच्छता से गुणवत्ता पूर्ण भोजन निर्माण के संबंध में प्रशिक्षण दिया।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को फूड फोर्टिफिकेशन, नमक, चीनी एवं तेल का सीमित मात्रा में उपयोग करने तथा इनके अधिक सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। बाजार से पैकेज्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय पैकेट पर अंकित लेबल, सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी एवं आवश्यक निर्देशों को पढ़कर ही खाद्य पदार्थ खरीदने की समझाइश दी गई। फोर्टिफाइड फूड के सेवन से विटामिन ए, डी, ई, के, बी कॉम्प्लेक्स, लोहतत्व, आयोडीन, की कमी से होने वाले रोगो का सुगम इलाज औषधि के बजाय किचन के माध्यम से बनाने वाले खाने किए जाने के बारे में समझाया। खाने को औषधि की तरह उपयोग करने की जरूरत बताया।

विद्यालय में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यालय स्टाफ प्राचार्य मनीष व्यास, दयाराम अंसल, ऊंकारसिंह कराड़ा, कैलाश कटारिया, रोहित कुमावत, राकेश धाकड़ ,सुमित्रा सिंगार , पारुल आर्य, श्रृति परमार, यशवंत सिंह ,कैलाश परमार,अशोक भंडारी, रतन लाल , सरिता उमठ, सतीश कन्सिया विद्यार्थी एवं खाद्य सुरक्षा टीम के सदस्य एम के वर्मा, के एल. कुम्भकार, केमिस्ट अशोक चौधरी तथा लक्ष्मण सिंह ठाकुर उपस्थित रहे।

साथ ही हाईवे किनारे संचालित 4 होटल रेस्टोरेंट ढाबे 22 खाद्य सामग्री के सैंपल की चलित लैब से जांच कर साफ सफाई रखने, ढक्कन युक्त डस्टबिन का उपयोग करने, फ्रिज, किचेन के निर्माण के बर्तन, परोसने के बर्तन की नियमित सफाई करने, प्रिंटेड पेपर के स्थान पर बटर पेपर, दोने, प्लेट के उपयोग करने, प्लास्टिक डिस्पोजल के बजाय कांच या चीनी मिट्ठी के कप प्लेट का उपयोग करने, खाद्य लाइसेंस ,फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।

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