नई दिल्ली, मिडिल ईस्ट के तनावपूर्ण हालात और ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार बिना किसी बड़े बदलाव के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में सुबह 9:16 बजे सेंसेक्स 49 अंक यानी 0.07 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 74,291 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि निफ्टी 19 अंक की हल्की बढ़त लेकर 23,235 के स्तर पर था। इस दौरान बाजार को मुख्य रूप से पीएसयू (पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग) बैंकों और पीएसयू शेयरों में हुई भारी लिवाली से बड़ा सहारा मिला, जिससे बाजार में स्थिरता बनी रही।
ऑटो, मेटल और इन्फ्रा जैसे सेक्टर हरे निशान में रहे, जबकि आईटी और प्राइवेट बैंकों के शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा
शुरुआती सत्र के दौरान निफ्टी इन्फ्रा, डिफेंस, एफएमसीजी, कमोडिटीज, मेटल, रियल्टी, कंजप्शन, मैन्युफैक्चरिंग और ऑटो इंडेक्स हरे निशान में मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए। इसके विपरीत, निफ्टी आईटी, मीडिया और प्राइवेट बैंक के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया जिससे वे लाल निशान में चले गए। हालांकि, बड़ी कंपनियों (लार्जकैप) के मुकाबले मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 सूचकांकों ने बेहतर तेजी दिखाते हुए बाजार को थामे रखा, जहां कई प्रमुख शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
अमेरिकी बाजारों में फेड के ब्याज दर फैसले से आई गिरावट, एशियाई बाजारों में मिला-जुला और सकारात्मक कारोबार
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने के फैसले के बाद अमेरिकी बाजारों में कमजोरी देखने को मिली, जहां प्रमुख सूचकांक डाओ जोन्स में 1.21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके मुकाबले एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा, जिसमें टोक्यो, बैंकॉक, जकार्ता और सोल के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे जबकि शंघाई और हांगकांग के शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुए।

