भोपाल: राजधानी में शराब दुकानों के दायरे को लेकर बड़ा सवाल है। नियमों में स्कूल-कॉलेज, धार्मिक संस्थानों और कन्या छात्रावास जैसे संवेदनशील स्थानों से 100 मीटर की दूरी का प्रावधान है।
लेकिन सवाल है—रिहायशी इलाकों और सामान्य सरकारी संस्थानों के आसपास शराब दुकान के लिए क्या कोई स्पष्ट दूरी तय है?
यानी कुछ संवेदनशील जगहों के लिए नियम स्पष्ट हैं…
लेकिन जहां बड़ी संख्या में परिवार रहते हैं, वहां शराब दुकान को लेकर अलग सुरक्षा मानक क्यों नहीं?
इसी सवाल पर हमने सहायक जिला आबकारी अधिकारी से बात की।
यानी एक तरफ रिहायशी इलाके में किराना दुकान, पब और होटल तक पर कार्रवाई हो रही है… वहीं शराब दुकान को लेकर सवाल उठता है कि सुरक्षा का पैमाना अलग क्यों?
जब पब या दूसरी व्यावसायिक गतिविधियों से रहवासियों की सुरक्षा और माहौल प्रभावित होने की चिंता है… तो फिर उसी इलाके में शराब दुकान को लेकर अलग नियम क्यों?
इलाका एक है, वहां रहने वाले लोग एक हैं…
तो नियमों का दायरा अलग क्यों?
मुद्दा शराब दुकान होने या न होने का नहीं…
मुद्दा है सुरक्षा के एक समान मानक का।
रहवासी इलाका एक… सुरक्षा की चिंता एक… फिर नियम अलग क्यों?
