जबलपुर: भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के जबलपुर महानगर अध्यक्ष की आधिकारिक घोषणा अगस्त तक होनी थी लेकिन पार्टी में अंदरूनी खींचतान, अपने-अपने चहेतों को तवज्जो और भाजपा में जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक पकड़ बनाये रखने की चाहत के बीच ये घोषणा रूकी हुई है। पार्टी के भीतरखाने चल रहीं चर्चाओं और सूत्रों की मानें तो जबलपुर भाजपा द्वारा 3 नाम प्रदेश कार्यालय भेज दिए गए हैं, जिनमें पूर्व विधानसभा क्षेत्र के रविंद्र तिवारी, पश्चिम विधानसभा से शुभम अरिहंत और कैंट विधानसभा से ईशान नायक के नाम शामिल बताये जा रहे हैं। इसमें रविंद्र तिवारी का नाम लगभग तय माना जा रहा हैै। अब देखना होगा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा रविंद्र तिवारी पर मुहर लगती है कि नहीं..सूत्रों की मानें तो स्थानीय भाजपा संगठन की ओर से आग्रह किया गया है कि जबलपुर की पूर्व विधानसभा सीट में भाजपा को मजबूती देने इस क्षेत्र के दावेदार को भाजयुमो अध्यक्ष के रूप में प्राथमिकता दी जाए । क्योंकि पूर्व विधानसभा ही एक ऐसी सीट है जहां लम्बे समय से कांग्रेस काबिज है। विदित हो कि जुलाई में प्रदेश स्तर से जारी नियुक्तियों में जबलपुर ग्रामीण की जिम्मेदारी पंकज तिवारी को सौंपी जा चुकी है।
फिट बैठ रहे रविंद्र
भगवा खेमे में चर्चा है कि पूर्व विधानसभा के रविंद्र तिवारी पार्टी के सभी क्राईटेरिया और उम्र के लिहाज से फिट बैठ रहे हैं, साथ उनको लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष रत्नेश सोनकर की पहली पसंद भी माना जा रहा है। उन्हें हाल ही में जबलपुर में आयोजित भाजपा की कार्यसमिति की बैठक के दौरान आजमाने के लिए कुछ कार्यभार भी सौंप दिया गया था। जबकि भाजयुमो अध्यक्ष की दौड़ में शामिल भोपाल गए दो अन्य नामों ईशान नायक और शुभम अरिहंत को कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली सकी थी। इससे कयास और तेज हो गए कि पार्टी द्वारा जबलपुर भाजयुमो अध्यक्ष के नाम पर फैसला लगभग हो ही गया है, इंतजार है तो सिर्फ उसकी घोषणा का। उधर संगठन के भीतरखाने से ये भी खबर निकलकर आ रही है कि अगर किसी कारणवश रविंद्र तिवारी के नाम पर मुहर नहीं लगी तो कोई चौकाने वाला नया चेहरा भाजयुमो जिला अध्यक्ष के रूप में सामने आ सकता है।
ईशान, शुभम के लिए भी लगाया जा रहा दम
सूत्रों की मानें तो लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की पसंद में ईशान नायक का नाम शामिल नहीं है लेकिन सांसद आशीष दुबे की पसंद में ईशान सामने आ रहे हैं। खबर है कि ईशान नायक और शुभम अरिहंत के लिए उनके नेता भी अपना दमखम लगा रहे हैं, लेकिन भाजपा जिलाध्यक्ष ने प्रदेश संगठन को स्पष्ट जानकारी देते हुए कह दिया है कि अगर भाजयुमो नगर अध्यक्ष पर रविंद्र तिवारी पर सहमति बनेगी तो ये पार्टी के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। एक यही कारण है कि अभी तक आपसी मंथन के चलते प्रदेश नेतृत्व द्वारा भाजयुमो नगर अध्यक्ष के नाम को रोका गया है।
कई अन्य जिलों में भी बाकी
जानकारी के अनुसार अभी प्रदेश भाजपा द्वारा 20- 22 ऐसे जिलों में भाजयुमो अध्यक्ष की घोषणा हुई है जहां किसी नामों को लेकर कोई विवाद नहीं था, और जहां नामों को लेकर थोड़ी भी लड़ाई थी उन जगहों पर घोषणा को रोक दिया गया। अभी छिंदवाड़ा, कटनी, मंडला सहित करीब 50 जगहों पर ग्रामीण व शहर अध्यक्ष की घोषणा रूकी हुई है।
