नई दिल्ली, भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को न्यूजीलैंड की संसद से आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। बुधवार को हुए मतदान में इस समझौते को 93-29 के भारी बहुमत से पारित किया गया, जिसकी घोषणा व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने की। इस ऐतिहासिक कदम से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को एक नई और मजबूत गति मिलने की पूरी उम्मीद है।
1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं तक बढ़ेगी न्यूजीलैंड के उत्पादों की पहुंच, प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने बताया इसे गेम-चेंजर
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि 1.4 अरब भारतीय ग्राहकों तक सीधी पहुंच मिलने से देश के लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और बेहतर आमदनी होगी। समझौते के पूरी तरह लागू होने पर भारत को होने वाले न्यूजीलैंड के 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क या तो पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे या काफी कम कर दिए जाएंगे, जिससे अकेले कीवीफ्रूट उद्योग को करोड़ों डॉलर की बड़ी राहत मिलेगी।
साल के अंत तक समझौते के पूर्ण रूप से लागू होने की उम्मीद, 2030 तक व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य होगा पूरा
दोनों देशों के बीच मार्च 2025 में शुरू हुई इस व्यापारिक वार्ता के बाद अब इस साल के अंत तक इस समझौते के पूरी तरह लागू होने की संभावना है। इस मुक्त व्यापार समझौते से सीमा पर क्लीयरेंस प्रक्रिया तेज होगी और भारत के बढ़ते मध्यम वर्ग की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व द्वारा वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करने के निर्धारित लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।

