नई दिल्ली, किसानों की आय और बुढ़ापे की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र भूमिधारक परिवारों को 2,000 रुपये की तीन किस्तों में प्रति वर्ष 6,000 रुपये सीधे बैंक खाते में दिए जाते हैं, जिसके लिए ई-केवाईसी और भूमि सत्यापन अनिवार्य है। वहीं, प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना 18 से 40 वर्ष की आयु वाले सीमांत किसानों को 60 वर्ष के बाद 3,000 रुपये मासिक पेंशन देती है, जिसमें उम्र के अनुसार 55 से 200 रुपये तक के मासिक योगदान पर सरकार बराबर का अंशदान करती है और जीवनसाथी के लिए 50% पारिवारिक पेंशन का प्रावधान है।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से कृषि और पशुपालन गतिविधियों के लिए 5 लाख रुपये तक का आसान ऋण उपलब्ध
खेती की लागत, बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सस्ती ब्याज दर पर आसान ऋण सुविधा देता है। फसल उत्पादन के साथ-साथ डेयरी, पोल्ट्री, पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े लाभार्थी भी इसका लाभ ले सकते हैं, जहां जमीन, फसल पैटर्न और वित्तीय जरूरतों के आकलन के आधार पर 5 लाख रुपये तक की ऋण सीमा निर्धारित की जाती है जिससे साहूकारों पर निर्भरता घटती है।
अपात्रता के नियम और डिजिटल सशक्तिकरण: संस्थागत भूमिधारक तथा आयकरदाता परिवार योजना के दायरे से बाहर
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शी लाभ वितरण के लिए संस्थागत भूमिधारक, आयकरदाता परिवार तथा डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट जैसे पंजीकृत पेशेवर अपात्र श्रेणी में रखे गए हैं। ये तीनों योजनाएं मिलकर ग्रामीण भारत के अन्नदाताओं को प्रत्यक्ष आय समर्थन, वृद्धावस्था वित्तीय सुरक्षा और कृषि ऋण का एक मजबूत व स्थायी इकोसिस्टम प्रदान करती हैं।

