मोदी राजधानी में गुरुवार को करेंगे तीन दिन के सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन, 40 देशों के प्रतिनिधिमंडल होंगे शामिल

नयी दिल्ली, 14 सितंबर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग पर देश के सबसे बड़े सम्मेलन सेमीकॉन इंडिया का यहां यशोभूमि में गुरुवार को उ्घाटन करेंगे।

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार सेमीकॉन इंडिया-2026 इस सम्मेलन का पाचवां संस्करण है और इसमें में 600 से अधिक प्रदर्शक, 300 अंतर्राष्ट्रीय कंपनियां और 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे।

“सिलिकॉन से सिस्टम तक: इकोसिस्टम का निर्माण” विषय पर आयोजित सेमीकॉन इंडिया 2026 भारत की विश्वसनीयता, निर्माण से लेकर सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में क्षमता प्रदर्शन तक की यात्रा को दर्शाता है। इस आयोजन का उद्देश्य सहयोग, निवेश, नवाचार और इकोसिस्टम के एकीकरण को गति देना है, साथ ही सेमीकॉन उद्योग में एक विश्वसनीय वैश्विक भागीदार के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करना है।

इसका आयोजन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन आईएसएम इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और सेमीकंडक्टर कंपनी एसईएमआई द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है। यह वैश्विक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य करता है, ताकि सहयोग, नवाचार, विनिर्माण, निवेश और प्रतिभा विकास को बढ़ावा दिया जा सके, साथ ही सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए एक विश्वसनीय वैश्विक केंद्र बनने के भारत के दृष्टिकोण का समर्थन किया जा सके।

सेमीकॉन इंडिया 2026 में वैश्विक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां, उद्योग जगत, नीति निर्माता, निवेश, शोधकर्ता, शिक्षविद, स्टार्ट-अप्स और छात्र देश के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के भविष्य को आकार देने के लिए एक साझा मंच पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि “सिलिकॉन से सिस्टम तक: इकोसिस्टम का निर्माण” विषय के साथ, सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब मजबूत नीतिगत गति, उद्योग के बढ़ते क्रियान्वयन और विश्वसनीय एवं लचीली सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं की बढ़ती वैश्विक मांग के संगम से भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में तेजी से एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है।

इस सम्मेलन के दौरान वहां भारत के सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र का प्रदर्शन किया जाएगा। इसका उद्देश्य आगंतुकों को सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का एक एकीकृत दृष्टिकोण प्रदान करना और मूल्य श्रृंखला के विभिन्न चरणों में देश की बढ़ती क्षमताओं को प्रदर्शित करना है।

इस प्रदर्शनी में छह देशों के पवेलियन और 12 राज्य सरकारों के पवेलियन होंगे , साथ ही एक समर्पित स्टार्टअप पवेलियन , इनोवेशन शोकेस, स्टार्टअप पिच प्रतियोगिता, स्टूडेंट हैकाथॉन और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन भी होंगे। स्टार्टअप पवेलियन में लगभग 40 स्टार्टअप प्रदर्शित किए जाएंगे , जबकि वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में प्रतिभा, कौशल और करियर के अवसरों के लिए एक समर्पित मंच प्रदान करेगा।

तीन दिवसीय सम्मेलन में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम में उभरते रुझानों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित उच्च स्तरीय मुख्य भाषण, सेमीकंडक्टर विनिर्माण और प्रौद्योगिकी, एआई, आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन, उन्नत पैकेजिंग, सामग्री और उपकरण, चिप डिजाइन, अनुसंधान और विकास, स्टार्टअप, नवाचार और प्रतिभा विकास पर पैनल चर्चा और रणनीतिक सत्र शामिल होंगे।

इस कार्यक्रम में छह अंतर्राष्ट्रीय देशों का गोलमेज सम्मेलन, महिला सशक्तिकरण और नेतृत्व पर एक समर्पित सत्र , कार्यबल विकास सत्र और “एक साथ मजबूत: भारत के ईएसडीएम विकास के लिए सहयोग करते उद्योग संघ” शीर्षक से एक विशेष सत्र का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की अग्रणी वैश्विक और स्वदेशी कंपनियां एएसएमएल, एप्लाइड मैटेरियल्स, टेराडाइन, इन्फिनियन, एबारा, जैबिल, आईबीएम रिसर्च, एनएक्सपी, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोन, मर्क केजीएए, रैपिडस, लैम रिसर्च, सीजी पावर, यूनो मिंडा, एडवांस्टेस्ट, टोक्यो इलेक्ट्रॉन और कई अन्य प्रमुख उद्योग हिस्सा लेंगे।

सरकार ने सेमीकंडक्टर इंडिया कार्यक्रम के तहत देश में एक मजबूत और लचीला सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम स्थापित करने के उद्देश्य से 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी है। सेमीकंडक्टर 1.0 के तहत स्वीकृत 12 परियोजनाओं में से तीन में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो चुका है । इसी के साथ, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अगले चरण, सेमीकंडक्टर 2.0 को भी मंजूरी दे दी है , जिसके छह प्रमुख स्तंभ भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विकास को और गति देने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।

देश भर में 400 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों और 105 स्टार्टअप को उपलब्ध कराए गए हैं , जबकि 24 स्टार्टअप को इनोवेटिव सेमीकंडक्टर उत्पाद और एप्लीकेशन डिजाइन करने के लिए डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) योजना के तहत मंजूरी दी गई है । इन पहलों का उद्देश्य सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में क्षमताओं का विकास करना और भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकोसिस्टम की ओर ले जाने के लिए एक मजबूत आधार तैयार करना है।

एआई डिजिटल प्रौद्योगिकियों, उन्नत कंप्यूटिंग और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विस्तार से प्रेरित होकर वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। दूरसंचार और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में, विविधतापूर्ण, मजबूत और भरोसेमंद सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ गई है। प्रगतिशील सरकारी नीतियों, कुशल पेशेवरों के विशाल समूह, मजबूत घरेलू मांग और वैश्विक उद्योग से बढ़ती रुचि के समर्थन से, भारत सेमीकंडक्टर डिजाइन, विनिर्माण, अनुसंधान, नवाचार और निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभर रहा है।

वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार, जिसका मूल्य वर्ष 2025 में लगभग 796 अरब डॉलर था, के वर्ष 2030 तक दो लाख करोड़ डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। भारत की सेमीकंडक्टर मांग, जिसका वर्तमान में अनुमान लगभग 50 अरब डॉलर है, के वर्ष 2030 तक लगभग 103 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो सेमीकंडक्टर क्षेत्र में देश की महत्वपूर्ण विकास क्षमता को दर्शाता है।

 

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