
जबलपुर। हनुमानताल थाना अंतर्गत भानतलैया में बीते 4 सितम्बर की रात को हुई मूर्तिकार मनोज उर्फ बाबा सोनकर की हत्या के मामले में पुलिस ने वारदात में शामिल एक और शातिर आरोपी निक्की चौधरी को धरदबोचा है। गिरफ्तार किए गए आरोपी के पास से पुलिस ने एक अवैध पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस जप्त किए हैं। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में उसना खुलासा किया कि आरोपी वारदात के वक्त बैकअप शूटर प्लान-बी के तौर पर मौके पर मौजूद था। गोली मारने वाले रोहित का निशाना चूकता तो वे गोलियां बरसाता। आरोपी को आज न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
विदित हो कि बड़ी खेरमाई हनुमानताल निवासी मनेाज उर्फ बाबा सोनकर 50 वर्ष का मथुरा सेठ की बाड़ी में मूर्ति बनाने का काम करता था। चार सितम्बर की रात लगभग 11-30 बजे वह मूर्ति बना रहा था तभी वहां पर गाड़ी में रोहित मराठा एवं चिन्टू उर्फ भरत यादव पहुंचे थे। रोहित ने पिस्टल फायर कर दिया था। गोली बाबा के गर्दन में पीछे तरफ लगी थी। जिससे उसकी मौत हो गई थी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि मृतक मनोज के बेटों ने 31 जुलाई, 2021 को रोहित मराठा के भाई बिट्टू की चाकू से हमला कर हत्या कर दी थी। मृतक बिट्टू की बहन सीनू राव ने पति सुब्बा राव के साथ मनोज की हत्या की योजना बनाई थी। सुपारी देकर उसने इस हत्याकांड को अंजाम दिया था। मामले में रैकी व मृतक की लोकेशन देने वाला बाबा टोला निवासी सुमित चौधरी बिट्टू की बहन पहले ही जेल जा चुकी है। जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
सिहोरा में काट रहा था फरारी-
पुलिस ने सिहोरा में दबिश देकर निक्की चौधरी निवासी पंजाब बैंक कॉलोनी, थाना कोतवाली को गिरफ्तार किया है। आरोपी किराए का कमरा लेकर यहां फरारी काट रहा था। पूछताछ की गई, तो उसने वारदात की पूरी कड़ियों का खुलासा किया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वारदात की रात मुख्य आरोपी रोहित ने अपने पास से पिस्टल निकाली और सीधे मनोज उर्फ बाबा सोनकर पर फायर झोंक दिया। गोली बाबा सोनकर की गर्दन में पीछे की तरफ लगी थी। जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा था। अत्यधिक खून बहने के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी यदि रोहित का निशाना चूक जाता, फायर मिस हो जाता या पिस्तौल में कोई तकनीकी खराबी आ जाती, तो निक्की चौधरी को तुरंत अंधाधुंध फायरिंग करने की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, रोहित के पहले ही फायर में बाबा सोनकर ढेर हो गया था। जिसके चलते निक्की को गोली चलाने की जरूरत नहीं पड़ी थी।
