सीएससी खुटार में लाखों की मिली एक्सपायरी दवाइयां

सिंगरौली : खुटार सीएचसी में एक्सपायरी दवाओं का बड़ा स्टॉक मिलने के बाद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और उसके जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।अस्पताल की छत और सीढ़ियों के आसपास बड़ी मात्रा में कार्टून, पैकेट और बोरियों में दवाएं मिली हैं। इनमें टैबलेट, एंटीबायोटिक, दर्द निवारक, ओआरएस और ग्लूकोज सहित कई दवाएं शामिल बताई जा रही हैं। पैकेटों पर वर्ष 2024, 2025 और 2026 की एक्सपायरी तारीखें भी दिखाई दे रही हैं। इससे सवाल उठ रहा है कि दवाओं के स्टॉक की समय रहते निगरानी क्यों नहीं की गई और जरूरतमंद मरीजों तक दवाएं पहुंचाने की व्यवस्था कहां चूक गई। इधर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी सामने आ रही है कि सीएमएचओ डॉ. पुष्पराज सिंह जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाल नहीं पा रहे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि उनका ध्यान स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी से अधिक दवा खरीदी और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर केंद्रित है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यहां बताते चले कि पिछले दिनों खुटार क्षेत्र के स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बीएमओ के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंचने का मामला भी चर्चा में रहा था। कर्मचारियों के अनुसार उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी बढ़ी है। अब खुटार में एक्सपायरी दवाओं का मामला सामने आने के बाद सीएमएचओ की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि दवाओं की खरीदी से अधिक जरूरी उनका समय पर उपयोग, सुरक्षित भंडारण और नियमित स्टॉक सत्यापन है। विभाग को पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

दवा एक्सपायरी हुई क्यों ?, बड़ा सवाल
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खुटार में भारी मात्रा में एक्सपायरी दवाइयां मिली हैं, सवाल उठाया जा रहा है कि दवाइयां एक्सपायरी क्यों हुई, किसकी लापरवाही है, आमजन यह भी सवाल उठा रहे हैं कि मरीजो को भरपूर दवाइयां नही दी गई, इसी का तनीजा है। पर्दे के पीछे कुछ और है। दवाइयां कब की हैं, उक्त मामला सोशल मीडिया में काफी तूल पकड़ा हुआ है। कुछ लोग यह भी दावा कर रहे हैं कि दवाइयों को जलाया भी गया है,इसमें कितनी सच्चाई है, इसपर अभी कुछ भी कह पाना मुश्किल है, लेकिन लाखों-कीमत के दवाइयों के एक्सपायरी होने पर सवाल उठना लाजमी है। बीएमओ का यह कहना है कि दवाइयां अस्पताल में ही एक्सपायर होती हैं, फिर जब दवाइयों को एक्सपायर ही करानी है तो खरीदी क्यों जाती है? कहीं न कहीं फिर तो धन का अपव्यय है।

इनका कहना:-
एक्सपायरी दवाइयां रखी गई हैं। जलाई नही गई हैं। एक प्रक्रिया के तहत नष्ट किया जाएगा। एक्सपायरी दवाइयां हॉस्पिटल में नही रहेंगी, तो कहां रहेंगी।
डॉ. अभयरंजन सिंह
बीएमओ, सीएससी खुटार

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