
नयी दिल्ली, 14 सितंबर (वार्ता) रेलवे बोर्ड ने रेलवे परियोजनाओं के निष्पादन को मजबूत करने के उद्देश्य से बनायी गयी नीति के तहत तीन क्षेत्रीय रेलों के निर्माण संगठनों में काम करने के लिए इंजीनियरिंग, सिग्नल और दूरसंचार, विद्युत तथा लेखा विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से सहमति मांगी है। शुरुआती प्रक्रिया के लिए रेलवे बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय रेलों और उत्पादन इकाइयों के एसएजी/एनएफ-एचएजी अधिकारियों से मध्य रेलवे (सीआर), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) और पूर्व तट रेलवे (ईसीओआर) के निर्माण संगठनों में काम करने के लिए 21 दिनों के भीतर अपनी सहमति भेजने को कहा है।
मध्य रेलवे, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और पूर्व तट रेलवे के निर्माण संगठनों में पहले से कार्यरत एसएजी/एनएफ-एचएजी अधिकारी भी अपनी सेवा जारी रखने के लिए सहमति दे सकते हैं। रेलवे बोर्ड के सभी क्षेत्रीय रेलों और उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधकों को जारी आठ सितंबर के पत्र के अनुसार, अधिकारी कर्मचारी स्वयं सेवा (ईएसएस) के तहत उपलब्ध लिंक का उपयोग कर अपने व्यक्तिगत मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) खातों के माध्यम से आवेदन जमा करेंगे। यह प्रक्रिया 28 जुलाई को जारी रेलवे बोर्ड की ‘रेलवे परियोजनाओं के निष्पादन के लिए संगठनात्मक ढांचे में सुधार की नीति’ के क्रम में शुरू की गयी है।
रेलवे बोर्ड ने निर्माण संगठनों को सशक्त बनाने, निर्माण परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों की निरंतरता सुनिश्चित करने, जवाबदेही बढ़ाने और परियोजना निष्पादन की दक्षता एवं समयबद्धता में सुधार के लिए यह नीति तैयार की है। यह नीति निर्माण संगठनों में अधिकारियों के चयन, प्रशिक्षण, सेवा-निरंतरता और तबादले के लिए एक रूपरेखा प्रदान करती है। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने निर्माण संगठनों में एसएजी स्तर के अधिकारियों के चयन, उपयुक्तता मूल्यांकन, सेवा-निरंतरता और तैनाती की प्रक्रिया संपन्न करने के लिए 27 अगस्त को एक केंद्रीय चयन बोर्ड (सीएसबी) का गठन किया।
इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों के लिए सीएसबी में एएम/वर्क और एएम/ब्रिज शामिल होंगे, जबकि एएम/वर्क और एएम/सिग्नल एसएंडटी (सिग्नल एवं दूरसंचार) अधिकारियों का चयन करेंगे। एएम/फाइनेंस और पीईडी/अकाउंट्स लेखा अधिकारियों के मामलों को देखेंगे, जबकि एएम/ट्रैक्शन और एएम/वर्क विद्युत विभाग के अधिकारियों का चयन करेंगे। सीएसबी एक स्थायी बोर्ड के रूप में कार्य करेगा, जिसका मुख्यालय नयी दिल्ली में होगा। रेलवे बोर्ड का सीआरबी एवं सीईओ गोपनीय सेल इसके कामकाज के लिए नोडल शाखा होगी। यही शाखा बोर्ड की रिपोर्ट जमा करने, इसकी सिफारिशों को लागू करने और संसद प्रश्नों एवं सूचना का अधिकार मामलों जैसे संबंधित मुद्दों को संभालने का काम करेगी।
निर्धारित आवेदन पत्र में अधिकारियों को अपनी सेवा, विभाग, जन्म तिथि, वर्तमान ग्रेड और वेतन स्तर, मूल वेतन, वर्तमान तैनाती और संपर्क विवरण की जानकारी देनी होगी।
आवेदकों को अपनी शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, पूर्व प्रतिनियुक्ति या विदेशी तैनाती, पिछले पांच वर्षों की एपीएआर रेटिंग, प्राप्त पुरस्कार (यदि कोई हो) तथा अपने पूरे करियर में मिली किसी भी सजा का विवरण या वर्तमान में सजा भुगतने की जानकारी भी देनी होगी। रेलवे बोर्ड के संचार पत्र के साथ संलग्न सामान्य निर्देशों में कहा गया है कि निर्माण संगठनों में सेवा देने के इच्छुक आईआरएसई, आईआरएसईएस, आईआरएसएसई और आईआरएएस के अधिकारियों को अपने बायोडेटा, निर्माण संगठनों से संबंधित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, पिछले अनुभव और असाधारण कार्यों के विवरण के साथ एचआरएमएस के माध्यम से आवेदन करना होगा।
अधिकारियों का कार्यकाल सामान्य रूप से पांच वर्ष का होगा, जिसे सात वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। सीएसबी एसएजी/जेएजी/एसएस/जेएस स्तर के अधिकारियों के लिए तैनाती और सेवा-निरंतरता प्रक्रिया संचालित करेगा। परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों (पीआईयू) के लिए चयनित अधिकारियों को संबंधित सीएओ/सी के साथ मुख्य परिणाम क्षेत्रों (केआरए) पर हस्ताक्षर करने होंगे और समीक्षा के लिए समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। रेलवे बोर्ड ने पीआईयू के लिए चयनित अधिकारियों के लिए मिलने वाले लाभों को भी निर्दिष्ट किया है। इनमें पांच वर्ष के कार्यकाल के बाद तीन जोनों में से मनपसंद तैनाती का विकल्प, कठिन परियोजनाओं के मामलों में पिछले स्थान पर आवास बनाये रखने की सुविधा, और दूरदराज के स्थानों पर पूर्वनिर्मित या किराये के ट्रांजिट आवास का प्रावधान शामिल है।
